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संपादकजी, आपके छायाकार के चलते अमर उजाला पढ़ना बंद कर दिया

: अपने पत्रकारों को इतना वेतन दिया करें कि उन्‍हें घिनौनी हरकत न करनी पड़े : आदरणीय एडिटर, अमर उजाला प्रकाशन, लखनऊ। आपको अवगत कराना चाहता हूं कि श्रीमान हबीब हुसैन स्वयं को अमर उजाला का छायाकार बताते हैं। पुराने लखनऊ में हबीब ने मान्‍यता प्राप्त पत्रकार समिति का गठन किया है। हबीब ने इस समिति में सिर्फ पत्रकारों को ही नहीं उच्च पद दिये हैं वरन पुराने लखनऊ के दलाल और मुखिबर लोगों को, वकालत की प्रैक्टिस करने वाले छोटे वकीलों को, झूठे एनजीओ के व्यक्तियों व विभिन्न संस्था के लोगों को भी सम्मिलत किया है।

: अपने पत्रकारों को इतना वेतन दिया करें कि उन्‍हें घिनौनी हरकत न करनी पड़े : आदरणीय एडिटर, अमर उजाला प्रकाशन, लखनऊ। आपको अवगत कराना चाहता हूं कि श्रीमान हबीब हुसैन स्वयं को अमर उजाला का छायाकार बताते हैं। पुराने लखनऊ में हबीब ने मान्‍यता प्राप्त पत्रकार समिति का गठन किया है। हबीब ने इस समिति में सिर्फ पत्रकारों को ही नहीं उच्च पद दिये हैं वरन पुराने लखनऊ के दलाल और मुखिबर लोगों को, वकालत की प्रैक्टिस करने वाले छोटे वकीलों को, झूठे एनजीओ के व्यक्तियों व विभिन्न संस्था के लोगों को भी सम्मिलत किया है।

यह छायाकार कुछ दिनों से पुराने लखनऊ में लोगों से चन्दा वसूल रहे हैं। चन्दा लेने के लिये कभी आस्था की बात करते हैं तो कभी चेहलुम में सबील लगाने की बात करते हैं। इनकी बातों में सत्यता कितनी थी यह हमें रविवार को पता चली। हम में से कुछ साथियों ने मुखबिर व दलाल व्यक्तियों के शामिल होने की वजह से चन्दा देने से मना किया तो पत्रकारों के एकत्र होने की वजह से मुझे और कुछ लोगों को पैसे देना पड़ा। पुराने लखनऊ के काफी लोग पहले से ही वकीलों के जुल्म व पत्रकारिता की धमिकयों से पीड़ित हैं। आप पत्रकारों को इतना वेतन दिया करें कि जेब खर्च के लिये उन्हें इस तरह की ओछी व घिनौनी हरकत ना करना पड़े।

मैं काफी समय से अमर उजाला पेपर पढ़ता था लेकिन आपके स्टाफ की प्रताड़ना से मैंने एक महीने से आपका पेपर पढ़ना भी बन्द कर दिया है। आपकी इनामी स्कीम मुझे बहुत पसन्द थी। जैसा कि हमें मालूम पड़ा है कि हबीब हुसैन पुराने लखनऊ से प्रकाशित एक उर्दू दैनिक (जायज़ा) में काम करते हैं। यहॉ तक कि इनकी शैक्षिक योग्यिता भी कुछ नहीं है। तब इन्होंने मानयता प्राप्त पत्रकार समिति कैसे बना ली यह भी जांच का विषय है। हबीब का मोबाइल नम्बर: 9369611362 पर अनजान व्यक्ति बन के विस्तृत जानकारी ले सकते हैं। कृपा करके जल्द से जल्द इस फर्जी पत्रकार हबीब द्वारा चलाये जा रहे इस जालसाजी का पर्दाफाश करें। आपकी महान कृपा होगी। धन्यवाद।

आपका आभरी

मो. आकिल व समस्त क्षेत्रवासी

अकबरीगेट लखनऊ

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