मेरठ में दो पत्रकारों के गोकशी एवं गो तस्करी में लिप्त होने का मामला सामने आने के बाद हड़कम्प मचा हुआ है. पत्रकारिता की आड़ में इस तरह का कुकृत्य करने वाले एक पत्रकार को उसके संस्थान ने हटा दिया है, जबकि दूसरा संस्थान जांच करा रहा है. आरोपी पत्रकार दैनिक जागरण तथा अमर उजाला के हैं. इस मामले में कम से कम दैनिक जागरण प्रबंधन ने तेजी दिखाते हुए अपने रिपोर्टर को उसी दिन बर्खास्त कर दिया, जबकि अमर उजाला जांच करा रहा है.
मवाना के फलौदा कस्बे में दैनिक जागरण के रिपोर्टर तनवीर और अमर उजाला के पत्रकार कमरजिया पर संयुक्त रूप से गो तस्करी एवं अन्य धंधों में लिप्त होने के आरोप थे. पत्रकारिता की छत्रछाया होने की वजह से प्रशासन भी इन पर हाथ डालने से कतराता था. दोनों ने पत्रकारिता के धंधे को बदनाम कर रखा था, पर सबूतों के अभाव तथा अखबार का नाम इन्हें बचा रहा था. पर कई दिनों से ताक में लगी पुलिस ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. इसकी सूचना पुलिस ने अखबार वालों को दी, जिस पर दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी मनोज झा ने तत्काल अपने रिपोर्टर को बर्खास्त करने का आदेश दे दिया. हालांकि अमर उजाला ने इस तरह का कोई कदम तत्काल नहीं उठाया. उसने अपने रिपोर्टर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं.
बताया जा रहा है कि दोनों रिपोर्टर अपने-अपने अखबारों में बने रहने के लिए साम-दाम-दंड-भेद सारे जतन किए इसके बावजूद दैनिक जागरण का पत्रकार तो सफल नहीं रहा पर अमर उजाला के पत्रकार को जांच का कवच जरूर मिल गया है. अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उसके भविष्य पर निर्णय लिया जाएगा. इस संबंध में पूछे जाने पर दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी मनोज झा ने अपने रिपोर्टर को बर्खास्त किए जाने की पुष्टि की वहीं अमर उजाला के संपादक शंभूनाथ पांडेय ने बताया कि उनके रिपोर्टर के खिलाफ जांच चल रही है, हमने उसे अभी हटाया नहीं है.





