लखनऊ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने निर्वाचन आयोग से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान प्रमुख समाचार चैनलों द्वारा किए जा रहे कथित पक्षपात की शिकायत की है। भाकपा ने आयोग से कहा है कि प्रमुख समाचार चैनल आयोग के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं तथा इसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं। भाकपा के राज्य सचिव गिरीश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस. वाई. कुरैशी तथा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा को पत्र लिखकर कहा है कि कई समाचार चैनल नियमों को ताख पर रखकर आयोग के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं।
उन्होंने पत्र में कहा कि भाकपा ने गत 21 जनवरी को लखनऊ मुख्यालय में अपना चुनाव घोषणापत्र जारी किया था, इस आशय की सूचना सभी चैनलों को भी भेजी गयी थी, लेकिन किसी भी चैनल ने इसका संज्ञान नहीं लिया। किसी भी चैनल ने भाकपा के उस घोषणा पत्र के बारे में एक शब्द भी नहीं दिखाया, बताया या कहा। हालांकि सभी समाचार पत्रों ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गिरीश ने खत में कहा है कि समाचार चैनल सिर्फ पूंजीवादी पार्टियों के ही समाचार प्रसारित कर रहे हैं, जिनसे उन्हें विज्ञापन तथा अन्य कई जरियों से धन मिलता है। यह खुद में पेड न्यूज का ही एक प्रकार है जो आचार संहिता का उल्लंघन भी है इसलिए इस पर रोक लगाई जानी चाहिये।
गिरीश ने निर्वाचर आयोग से यह भी मांग की है कि सभी समाचार चैनलों के लिए भी दिशा निर्देश जारी किए जाएं जिसमें कुल प्रसारण समय में सभी राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त दलों की खबरों को बराबर स्थान तथा समय दिए जाने की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि समाचार चैनलों पर निगरानी के लिए भी एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाए, जिसमें उच्चतम न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश, प्रेस परिषद के सीनियर मेंबर, रिटायर्ड निर्वाचन आयुक्त एवं एक बुद्धिजीवी को शामिल किया जाए।





