: कानाफूसी : बकवास का मतलब ही होता है बिना सिर पैर की बात. ऐसी ही एक बकवास भड़ास के पास आई है. वो ये कि आलोक मेहता और उनकी पूरी टीम हिंदुस्तान अखबार में जाने वाली है. ऐसा इसलिए क्योंकि इनका वक्त नई दुनिया में पूरा हो गया है और संडे नई दुनिया जैसा प्रोजेक्ट करोड़ों खर्चने के बाद बंद हो चुका है. नईदुनिया ग्रुप को लेकर ही दूसरी बकवास ये है कि इस ग्रुप को दैनिक जागरण समूह खरीदने का इच्छुक है. जागरण ग्रुप मध्य प्रदेश में जाना चाहता है लेकिन एमपी जागरण वाले जो लोग हैं वे रोड़े अटका रहे हैं, कुछ वैसी ही दिक्कत है जैसे दैनिक भास्कर की दिक्कत यूपी में जाने को लेकर है.
सो, जागरण वाले कोई जमा जमाया अखबार खरीदकर मध्य प्रदेश में छा जाना चाहते हैं. इसके लिए नई दुनिया समूह से बात चल रही है. इन दोनों गासिप के बकवास होने की बात इसी से पता चलती है कि नई दुनिया ग्रुप बिकाऊ नहीं हो सकता क्योंकि इस ग्रुप के मालिकों में अपना खुद का अखबारी विजन और इतिहास है. इन्हें पैसे की दिक्कत होगी तो ये अंबानी जैसों से अपने यहां निवेश करा लेंगे, जागरण को भला क्यों अपना पका पकाया ब्रांड दे देंगे. दूसरी बकवास आलोक मेहता को लेकर जो है, वह इसलिए खारिज हो जाती है कि हिंदुस्तान में शशि शेखर फिलहाल तो पूरी मजबूती से डटे हुए हैं. वे जाएं तब तो किसी के आने का नंबर आए.





