: कानाफूसी : दो चर्चाएं भड़ास4मीडिया तक पहुंची हैं. दोनों भविष्य काल यानि फ्यूटर टेंस वाली हैं. यानि गा गी गे वाली. दिनेश पाठक का तबादला होगा. नीरजकांत राही हिंदुस्तान जाएंगे. ऐसा होता है या नहीं, वक्त बताएगा. दिनेश पाठक हिंदुस्तान, देहरादून के एडिटर हैं. निशंक के अच्छे खासे यार थे. जहाज पर खूब घूमते थे. छप्पर फाड़कर उनकी तारीफ अखबार में छापते थे. लेकिन खंडूरी आए तो दिनेश पाठक की दुकानदारी बंद हो गई. हिंदुस्तान ग्रुप के विश्वविद्यालय का प्रोजेक्ट भी लटक गया. इसकी गाज दिनेश पाठक पर गिराई जा रही है. सूत्रों की मानें तो उन्हें कह दिया गया है कि बोरिया बिस्तर बांध लीजिए किसी नई जगह जाने के लिए.
इसी कारण दिनेश पाठक आजकल आफिस में उखड़े उखड़े रहते हैं और अपनी भड़ास अपने अधीनस्थों के उपर निकालते हैं. उधर, अमर उजाला, मुरादाबाद में संपादक के कामकाज को देख रहे नीरजकांत राही के बारे में चर्चा आई है कि उन्होंने शशि शेखर से टांका भिड़ा लिया है और हिंदुस्तान में प्रवेश करने की जुगाड़ में है. राही को संपादक पद की राह शशि शेखर ने ही दिखाई थी, सो इन दिनों अमर उजाला में बुरे दौर से गुजर रहे राही जी को उम्मीद है कि शशि जी उनका फिर कर देंगे उद्धार.
मजेदार ये है कि राही जी को परेशानी में इन दिनों हिंदुस्तान अखबार ही डाले हुए है. हिंदुस्तान का नया एडिशन मुरादाबाद से लांच होने वाला है. इसके लिए हिंदुस्तान ने अमर उजाला तोड़ो अभियान छेड़कर ढेर सारे लोगों को अपने पाले में कर लिया और कवि हृदय राही जी ताकते रह गए, उनको भनक तक नहीं लगी. इससे अमर उजाला प्रबंधन काफी नाराज है. अभी हाल में ही अमर उजाला के अधीन के एक जिले के सारे लोगों ने इस्तीफा देकर हिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. झटके पर झटका हिंदुस्तान राही जी को दे रहा है और राही जी हैं कि मुक्ति पाने की तमन्ना के साथ हिंदुस्तान के दरवाजे पर ही दस्तक दे रहे हैं.





