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सावधान! अब आपकी हर हरकत पर गूगल की नजर

न्यूयॉर्क : आप इंटरनेट पर क्या करते हैं, कौन सी वेबसाइटों को खोलते हैं और कितना समय बिताते हैं, इन सब बातों की जानकारी अब गूगल के पास होगी। इनके जरिए वह अपने हर उपभोक्ता का एक प्रोफाइल बनाएगी। यह सुनने में अजीब और आजादी छिनने जैसा है पर सच यही है। दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने बुधवार को अपने सभी उत्पादों की प्राइवेसी सेटिंग में बड़े बदलाव करने की घोषणा कर दी है। इनमें जीमेल, यू-ट्यूब और गूगल सर्च भी शामिल हैं। नई प्राइवेसी सेटिंग 1 मार्च से लागू हो जाएंगी।

न्यूयॉर्क : आप इंटरनेट पर क्या करते हैं, कौन सी वेबसाइटों को खोलते हैं और कितना समय बिताते हैं, इन सब बातों की जानकारी अब गूगल के पास होगी। इनके जरिए वह अपने हर उपभोक्ता का एक प्रोफाइल बनाएगी। यह सुनने में अजीब और आजादी छिनने जैसा है पर सच यही है। दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने बुधवार को अपने सभी उत्पादों की प्राइवेसी सेटिंग में बड़े बदलाव करने की घोषणा कर दी है। इनमें जीमेल, यू-ट्यूब और गूगल सर्च भी शामिल हैं। नई प्राइवेसी सेटिंग 1 मार्च से लागू हो जाएंगी।

गूगल की डायरेक्टर ऑफ प्राइवेसी एल्मा विह्टेन बताया कि हमने इस संबंध में पहले से ही जानकारियां जुटाना शुरु कर दिया है। हम पहली बार अपने हर उपभोक्ता का एक प्रोफाइल बनाएंगे। ये प्राइवेसी सेटिंग ऐसे हैं जिन्हें आपको न चाहते हुए भी इस्तेमाल करना होगा। इटरनेट विशेषज्ञों के मुताबिक कंपनी के इस कदम से नियामकों को उसके उपभोक्ताओं और उनके इंटरनेट इस्तेमाल पर नजर रखने में आसानी होगी। इसके अलावा गूगल को भी यह आसानी होगी कि उसे किस उपभोक्ता को कैसे विज्ञापन दिखाने हैं। उदाहरण के तौर पर यदि कोई उपभोक्ता यू-ट्यूब पर फुटबॉल मैच की क्लिपिंग देखता है तो गूगल उसे उसके आसपास आयोजित होने वाले मैचों के ऑनलाइन टिकट का विज्ञापन भेज सकता है। कंपनी का कहना है कि इससे हमें उपयोगकर्ताओं की रुचि समझने में मदद मिलेगी। साथ ही उपयोगकर्ताओं को भी उनकी पसंद के विज्ञापन ही देखने को मिलेंगे। यदि कोई व्यक्ति जगुआर शब्द गूगल पर सर्च करता है तो कंपनी समझ सकेगी कि उसे कार देखनी है या जानवर। हालांकि उपभोक्ताओं के वकीलों ने नई प्राइवेसी सेटिंग पर विरोध जताया है।

उनका कहना है कि कोई भी उपभोक्ता कभी नहीं चाहता कि उससे संबंधित जानकारियां विभिन्न वेबसाइटों को दी जाएं। हर उपयोगकर्ता चाहता है कि वह इंटरनेट पर जो खोजे उसे वही मिले और उसकी निजता सुरक्षित रखी जाए। साइबर विशेषज्ञ जेम्स स्टेयर ने कहा कि गूगल को भले ही लगता है कि वह इस प्रयास के जरिए उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा दे पाएगी लेकिन यह नई प्राइवेसी सेंटिंग डराने और खीझ पैदा करने वाली है। खासकर युवा और बच्चे तो इनसे जरुर खफा होने वाले हैं। आप अगर एंड्रायड फोन इस्तेमाल करते हैं तब भी गूगल आपसे जुड़ी जानकारियां अपने पास इकट्ठा कर रही होगी। इसके अलावा वह आपके कंप्यूटर कुकीज के जरिए यह भी देखेगी कि आपने कौन सी वेबसाइट खोली। गूगल को इन दिनों फेसबुक और एप्पल से तगड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। कंपनी के इस कदम को उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करने के रुप में देखा जा रहा है। हालांकि जैसे बदलाव लाए जा रहे हैं वे उपभोक्ताओं के उससे और दूर जाने की वजह भी बन सकते हैं। भले ही कंपनी लगातार कह रही हो कि इससे उपभोक्ताओं को आसानी होगी पर उनका गुस्सा देखकर तो तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है। साभार : एजेंसी

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