: नहीं उठा अखबार : गोरखपुर। जागरण की मुश्किलों का अंत होता नहीं दिख रहा है। बुधवार को कुशीनगर में सर्कुलेशनकर्मी विनीत गुप्ता को हाकरों ने दौड़ाकर पीटा। पडरौना नगर में जागरण की प्रतियां डंप हो गईं। हाकरों ने कई घंटों बवाल काटा और जागरण प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। हाकरों ने तो यहां तक कहा कि अगर ये कुशीनगर में दिख गए तो इनके हाथ पैर तोड़ देंगे। मालूम हो कि कुछ दिन पूर्व विनीत गुप्ता को जागरणकर्मियों ने ही पडरौना कार्यालय में पटककर मारा था। इसके बाद वह गोरखपुर भाग आया था। इसके बाद मामला दरहम हुआ तो वह वापस पडरौना पहुंचा था।
बताते हैं कि हाकरों को दी जाने वाली स्कीम में घोटाला किया गया है। यह घोटाला अतिरिक्त कापियों के बोनस का हैं। इसमें सौ कापी से अधिक लेने पर प्रति कापी कमीशन के अतिरिक्त हाकरों को चालीस पैसे बोनस मिलना था। हाकरों का आरोप है विनीत गुप्ता ने बही खाते में सौ कापियों से अधिक कापी लेने वाले हाकर की जगह अपने चहेतों का और कुछ फर्जी हाकरों का नाम चढ़ाया। इसकी शिकायत हाकरों ने उच्च प्रबंधन से की थी। चार दिन पूर्व भी विनीत गुप्ता से हाकरों की तू-तू मैं-मैं हुई थी हाकरों ने उसी समय विनीत गुप्ता को लतियाने की धमकी दी थी।
बुधवार की सुबह जागरण के सेल्समैन यादव ने वास्तव में जिस हाकर ने जितनी प्रतियां उठाई थी। उसकी लिस्ट को हाकरों के सामने पेश कर दिया। जिस पर विनीत गुप्ता ने हाकरों के सामने ही लिस्ट को यादव के हाथ से छीनकर फाड़ दिया। इसके बाद हाकर उखड़ गए और विनीत गुप्ता की जमकर धुनाई कर दी। विनीत गुप्ता ने आपबीती उप प्रबंधन सर्कुलेशन श्रीधर त्रिपाठी को सुनाया तो मौके पर श्री त्रिपाठी के साथ लक्जरी गाड़ी से सर्कुलेशन एजेंट निहाल अहमद पहुंचे। हाकरों ने इन्हें भी नहीं बख्शा जमकर फजीहत की। हाकरों का तेवर देखकर मौके से इन्हें भागना पड़ा। इस संबंध में जागरण प्रबंधन उन्हें सतुष्ट नहीं कर पा रहा है। हाकरों ने जब विनीत गुप्ता से इस बारे में सवाल किया तो जवाब देने के बजाय उसने गाली दे दी। इसके बाद हाकरों का गुस्सा फूट गया।
सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में गोरखपुर में एकाउंट मैनेजर सुनील कुमार लददू, संपादकीय समन्वयक केके शुक्ला और निर्भय सिंह ने सर्कुलेशन के फील्ड कर्मियों की बैठक की और उन्हें सलाह दी कि बच बचाकर काम करें। बताते है कि मुख्य महाप्रबंधक सीकेटी भी इस समय छुट्टी पर चले गए हैं। सर्कुलेशन मैनेजर निर्भय सिह को कुशीनगर जाने को कहा गया लेकिन उन्होंने मना कर दिया।





