वाशिंगटन : सोशल नेटवर्किग साइटों पर भारत में सेंसरशिप की बात करने वाले दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल को यह खबर राहत दे सकती है। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट टि्वटर ने अलग-अलग देशों में चुनिंदा ट्वीट को सेंसर (नियंत्रित) करने की घोषणा की है। अपने ब्लॉग ट्वीट्स मस्ट फ्लो में सैन फ्रांसिस्को स्थित माइक्रो ब्लॉगिंग कंपनी टि्वटर ने कहा, यदि कानूनी रूप से जरूरी हुआ तो कंपनी किसी खास देश में यूजर्स की सामग्री को रोक सकती है। यह प्रस्तावित कदम ऐसे समय आया है जब भारत और गूगल प्लस, याहू, ट्विटर व फेसबुक सरीखी सोशल नेटवर्किंग साइट पर कंटेंट की जांच और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है।
दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने 21 सोशल नेटवर्किंग साइटों को छह फरवरी तक आपत्तिजनक सामग्रियां हटाने को कहा है। अपने ब्लॉग में ट्विटर ने फ्रांस और जर्मनी का उदाहरण दिया, जहां नाजी समर्थक सामग्री पर प्रतिबंध है। उसने कहा, चूंकि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रगति कर रहे हैं इसलिए हम उन देशों में भी प्रवेश करेंगे जिनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भिन्न विचार हैं। वैसे वह लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जब किसी ट्वीट को हटाया जाता है तो यह पूरी दुनिया से हट जाता है। हालांकि टि्वटर की ओर से कहा गया है कि किसी खास देश के यूजर्स की हटाई गई सामग्री विश्व के अन्य देशों के लिए उपलब्ध रहेगी। टि्वटर के 10 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। वर्ष 2011 में अरब क्रांति से लेकर लंदन में हुए दंगों तक फेसबुक समेत टि्वटर जैसी अन्य सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों ने जानकारी फैलाने में अहम भूमिका निभाई थी। गौरतलब है कि चीन में टि्वटर प्रतिबंधित है। साभार : एजेंसी





