वित्त वर्ष 2012 की तीसरी तिमाही में डीबी कॉर्प का मुनाफा 29 फीसदी घटकर 55.4 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में डीबी कॉर्प का मुनाफा 77.8 करोड़ रुपये रहा था। मौजूदा वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में डीबी कॉर्प का राजस्व 13.6 फीसदी बढ़कर 396.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं वित्त वर्ष 2011 की तीसरी तिमाही में डीबी कॉर्प का राजस्व 348 करोड़ रुपये रहा था।
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में डीबी कॉर्प का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन साल-दर-साल आधार पर 33 फीसदी से घटकर 25.7 फीसदी पर आ गया है। तीसरी तिमाही में एबिटडा मार्जिन साल-दर-साल आधार पर 115 करोड़ रुपये से 11 फीसदी घटकर 102 करोड़ रुपये हो गया है। डीबी कॉर्प के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल का कहना है कि ऑटो और लाइफस्टाइल सेगमेंट के विज्ञापन में बढ़त देखने को मिली है। पिछले 9 महीने में विज्ञापन आय में 15 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
अगर विज्ञापन में बढ़ोतरी बरकरार रही तो मार्जिन 30 फीसदी तक जा सकता है। गिरीश अग्रवाल के मुताबिक अप्रैल 2012 की डीबी कॉर्प की शोलापूर एडिशन शुरू करने की योजना है। वहीं वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में चुनावों के चलते कंपनी के अखबारों की रीडरशिप बढ़ने की उम्मीद है।
उधर, डीबी कॉर्प द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी की शुद्ध आय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह 378.92 करोड़ रुपये पर रही। वित्त वर्ष 2010-11 की समान तिमाही के दौरान कंपनी की आय का आंकड़ा 344.44 करोड़ रुपये पर रहा था। कंपनी ने कहा है कि आलोच्य तिमाही के दौरान इसे 8.73 करोड़ रुपये का फॉरेक्स लॉस हुआ है। साथ ही, कंपनी ने महाराष्ट्र में नए एडीशन लांच करने पर 2.13 करोड़ रुपये खर्च किए। जबकि, तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी की विज्ञापन आय 9 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 30.59 करोड़ रुपये पर रही।





