सुभाष राय के इस्तीफा देने के झटका से अभी जनसंदेश टाइम्स उबरा भी नहीं है कि उसे दूसरा झटका लग गया है. आज गोरखपुर से जुड़े तीन जिलों में जनसंदेश टाइम्स को भेजा गया, पर अखबार कहीं नहीं बिका. देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज में अखबार का बंडल भेजा गया था, पर वह बंधा का बंधा ही रह गया. अखबार का कोई खरीददार नहीं मिला. इसके पहले बस्ती, संत कबीरनगर और सिद्धार्थनगर में अखबार भेजा गया था. वहां भी अखबार का यही हश्र हुआ. अब तक दैनिक जागरण को उखाड़ने का सपना देखने वाले खुद औंधे मुंह गिर पड़े हैं.
बताया जा रहा है कि लांचिंग से पहले टेस्टिंग के तौर पर अखबार को गोरखपुर और बस्ती मंडल के जिलों में भेजा गया था. अखबार से जुड़े लोगों ने अपनी पूरी ताकत भी लगा दी थी, पर अखबार को बेच नहीं पाए. इसके चलते सवाल भी उठने लगा है कि टेस्टिंग में ही इतना बुरा हाल है तो लांचिंग में अखबार किस हाल में होगा. वैसे भी जिस तरह दूसरे अखबारों की भागी-भगाई टीमों के सहारे जनसंदेश टाइम्स को लांच कराने की कोशिश हो रही है, मुश्किलें तो आनी ही हैं.





