नई दिल्ली। राजधानी में बदमाशों के हौंसले काफी बुलंद हो गये हैं। वह जब चाहें और जिसके साथ चाहें आसानी से लूटपाट की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। यही नहीं बदमाश लूटपाट का विरोध करने पर पीडि़त की जान लेने से भी गुरेज नहीं करते हैं। बदमाशों में पुलिस का भी कोई खौफ नहीं रह गया है। ऐसी ही एक लूट की वारदात राजधानी के शाहदरा इलाके में लोगों की आवाज उठाने वाले वरिष्ठ पत्रकार कृष्णदेव पाठक के साथ हुई। तीन हथियार बंद बदमाशों ने पत्रकार से नगदी, पहनी हुई ज्वैलरी व जरूरी कागजात लूट लिये। पत्रकार ने जब हिम्मत दिखाते हुए बदमाशों का विरोध किया तो उन्होंने उनके साथ जमकर मारपीट भी की।
आलम यहीं तक नहीं रहा, जब पत्रकार ने अपनी व्यथा सुनाने के लिये पीसीआर कॉल करने के बाद जिले के पुलिस उपायुक्त से भी फोन पर संपर्क करना चाहा तो डीसीपी साहब ने फोन उठाने की भी जहमत नहीं उठाई। इससे यह साबित होता है कि आम आदमी की समस्या किस तरह से डीसीपी साहब सुनते होंगे। पुलिस ने पत्रकार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और दो लोगों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पत्रकार को वर्ष २००४ में भी लोनी रोड़ स्थित तिकोना पार्क, कबूल नगर के पास मेन रोड़ पर बदमाशों ने अपना निशाना बनाकर लूटा था और विरोध करने पर गंभीर रूप से घायल भी कर दिया था।
जानकारी के अनुसार वारदात सोमवार रात उत्तर-पूर्वी जिला के शाहदरा थाना अंतर्गत भगवान पुर खोड़ा स्थित गोकुलपुर ड्रेन के किनारे पर हुई। कृण्ण देव पाठक दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार भी हैं, जो कि १/४७२१ गली नं० ५ बलवीर नगर विस्तार में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह दिल्ली से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह सोमवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे अपने आईटीओ स्थित कार्यालय से हमेशा की तरह डयूटी समाप्त कर घर वापस लौट रहे थे। वह गोकुलपुर ड्रेन के किनारे भगवान पुर खोड़ा के पास से पैदल-पैदल अपने पास स्थित घर पर जा रहे थे कि तभी तीन बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया और उनसे लूटपाट शुरू कर दी। बदमाशों ने उनके शरीर पर चाकू लगा दिया। जब उन्होंने बदमाशों को लूटपाट करने से रोका तो बदमाशों ने उन्हें चाकू की नोंकपर गर्दन पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। उसके बाद बदमाश उनके पास से ३८०० रूपये नगद, एक सोने की चैन, एक सोने की अंगूठी, आफिस आईकार्ड, दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त कार्ड व अन्य कागजात लूटकर फरार हो गये। पीसीआर कॉल के साथ-साथ घटना की जानकारी मिलते ही उस समय इलाके में गश्त कर रहे मानसरोवर पार्क थाने के एसएचओ और शाहदरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पीडि़त पत्रकार से घटना की विस्तृत जानकारी हासिल की और बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
जल्द पकड़े जायेंगे बदमाश : इस मामले में उत्तर-पूर्वी जिले के डीसीपी संजय कुमार जैन के मुताबिक पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है। इस मामले की पड़ताल के लिए शाहदरा थाना पुलिस व स्पेशल स्टाफ की टीम अपने-अपने तरीके से जांच कर रही है। डीसीपी ने आश्वासन दिया कि घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को जल्द ही पकड़ लिया जायेगा। पुलिस को उम्मीद हैं कि वारदात को राहजऩी करने वाले किन्हीं बदमाशों ने अंजाम दिया होगा।
दूसरी बार बने बदमाशों का निशाना : कृष्ण देव पाठक के साथ लूटपाट की यह कोई पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी इसी इलाके में बदमाश उनको अपना निशाना बना चुके हैं। जानकारी के अनुसार उनके साथ इससे पहले लूट की वारदात २००४ में हुई थी। उस दौरान बदमाशों ने उनके साथ जमकर लूटपाट की थी जब उन्होंने बदमाशों का विरोध किया तो बदमाशों ने उन पर लोहे की राड से भी जानलेवा हमला कर दिया था जिस कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गये थे। उसके बाद इस मामले में कड़कडड़ूमा कोर्ट ने बदमाशों को पत्रकार के साथ लूटपाट करने पर दस-दस साल की सजा भी सुनाई थी।
पिकेट बनी खानापूर्ति : शाहदरा के जिस इलाके में लूटपाट की वारदात हुई वहां पर आये दिन इस तरह की वारदातें होती रहती हैं। बदमाशों को पुलिस का कोई खौफ ही नहीं रहता है। वैसे तो पुलिस द्वारा यहां पर नाले से कुछ दूरी पर पुलिस पिकेट भी लगाई गई है लेकिन रात में पुलिस पिकेट पर कोई पुलिस कर्मी नहीं होता है जिससे बदमाश और भी मस्त हो जाते हैं। साभार : हरिभूमि





