नई दिल्ली : केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन के भाई कलानिधि मारन की सन टीवी में हिस्सेदारी सार्वजनिक करें। ऐसी सूचनाओं को वाणिज्यिक गोपनीयता का हवाला देते हुए अपने पास नहीं रखा जा सकता। सीआईसी ने कहा, कंपनी अधिनियम 1956 के प्रावधानों के तहत कंपनी रजिस्ट्रार को आम तौर पर सालाना नतीजे के तौर पर कंपनी के सदस्यों की सूची, शेयर का ब्योरा पेश करना जरूरी होता है।
सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने कहा आरओसी के पास सभी शेयर धारकों की सूचनाएं उपलब्ध हैं। इसलिए ऐसी सूचनाओं को गोपनीय नहीं कहा जा सकता क्योंकि जनता इसे प्राप्त कर सकती है। यह मामला सूचना के अधिकार के तहत विनोद के जोस नामक व्यक्ति के आरटीआई आवदेन से जुड़ा है। वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कलानिधि मारन और अन्य की सन टीवी नेटवर्क में हिस्सेदारी का ब्योरा जानना चाहते थे। मंत्रालय ने सन टीवी द्वारा आपत्ति जताए जाने का हवाला देते हुए सूचना देने से इंकार कर दिया था। क आप दोनों का घालमेल नहीं कर सकते।





