आउटलुक में सत्रह साल की लंबी पारी के बाद विनोद मेहता ने एडिटर इन चीफ के पद से रिटायर होने का फैसला किया है. अब वे सलाहकार के रूप में आउटलुक से जुड़े रहेंगे. मेहता ने 1995 में पत्रिका की लांचिंग के समय इससे जुड़े थे. तब से ही वे इस पत्रिका के एडिटर इन चीफ के पद पर कार्यरत थे. विनोद मेहता के स्थान पर कृष्णा प्रसाद को नया एडिटर इन चीफ बना दिया गया है. प्रसाद को 2008 में प्रोन्नति देते हुए आउटलुक का संपादक बनाया गया था.
पाकिस्तान के रावलपिंडी में जन्मे 69 वर्षीय विनोद मेहता का परिवार लखनऊ आ गया था. इनकी प्रारंभिक शिक्षा लां मार्टिनर स्कूल एवं उच्च शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी हुई. विनोद मेहना ने कई किताबें लिखीं, जिनमें संजय गांधी एवं मीना की बॉयोग्राफी, बेस्ट सेलर किताब 'लखनऊ ब्यॉय' शामिल है. 1974 में वे डेबोनैर के संपादक बने. उसके बाद वे पायनियर, द संडे, ऑब्जर्बर, द इंडिपेंडेंट और इंडियन पोस्ट जैसे पब्लिकेशनों से संपादक के रूप में जुड़े रहे. द संडे आर्ब्जबर, बॉम्बे डेली, द इंडिपेंडेंट, पायनियर, दिल्ली के संस्थापक संपादक रहे.
भारतीय राजनीति पर भी इनकी जबर्दस्त पकड़ है. मेहता टाइम्स नाउ और एनडीटीवी जैसे चैनलों के पापुलर फेस थे. मेहता ने रिटायर होने पर कहा कि मैंने आउटलुक के साथ बहुत ही अच्छा समय गुजारा, कुछ लोग सोच रहे हैं कि मैं आउटलुक से बाहर हो गया तो वे गलत हैं. वे ग्रुप के साथ लगातार जुड़े रहेंगे. उनके रिटायर होने के कृष्णा प्रसाद ने उनकी जिम्मेदारी संभाल ली है. प्रसाद को 2008 में संपादक स्पेशल इश्यु से प्रोन्नत करके संपादक बनाया गया था. उल्लेखनीय है कि पिछले महीने आउटलुक ग्रुप के अध्यक्ष एवं पब्लिशर महेश्वर पेरी ने भी कंपनी से रिजाइन कर दिया था.





