इस साल का बुकर पुरस्कार किसी भारतीय को मिल सकता है। इस साल के एशियाई बुकर पुरस्कार मैन एशियन लिटरेरी प्राइज की दौड़ में पत्रकार तरुण तेजपाल समेत कुल पांच भारतीय लेखक शामिल हैं। अमिताव घोष, अनुराधा रॉय जैसे भारतीय लेखकों के अलावा इस सूची में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य कई एशियाई देशों के साहित्यकारों ने भी अपनी जगह बनाई है।
भारत की ओर से पुरस्कारों की दौड़ में अमिताव घोष की रिवर ऑफ स्मोक, तरुण तेजपाल की द वैली ऑफ मास्क, जाहनवी बरआ की रीबर्थ, अनुराधा रॉय की द फोल्डेड अर्थ और राहुल भट्टाचार्य की द स्लाइ कंपनी ऑफ पीपल हू केयर शामिल हैं। इन पांच भारतीय लेखकों के अलावा पाकिस्तान के जमील अहमद की द वंडरिंग फाल्कन, ईरान के महमूद दौलताबादी की द कर्नल, बांग्लादेश की तहमीमा अनाम की द गॉड मुस्लिम, जापान के हरकी मुराकामी की 1क्यू84 और दक्षिण कोरिया की क्यूंग-सूक शिन की प्लीज लुक ऑफ्टर मॉम जैसी रचनाएं शामिल हैं। गौरतलब है कि कई भारतीय लेखक बुकर प्राइज पा चुके हैं।






