नई दिल्ली। गूगल और फेसबुक से आपत्तिजनक सामग्री हटाने के मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट ने १४ फरवरी तक टाल दी है। जस्टिस सुरेश कैत ने बुधवार को एक अन्य व्यक्ति की याचिका भी खारिज कर दी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि वह इन वेबसाइटों का उपभोक्ता है और इसे बंद करने या सेंसरशिप लागू करने से उसकी अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार पर कुठाराघात होगा।
यह याचिका खारिज करते हुए जस्टिस कैत ने कहा कि इन वेबसाइट्स के हजारों ग्राहक हैं। इस निजी शिकायत में मैं उन सभी को नहीं सुन सकता। इस मामले को पीआईएल के रूप में दर्ज कराइए। निचली अदालत द्वारा सामग्री हटाए जाने का समन जारी किए जाने के बाद इसके विरुद्ध साइट्स ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की हुई है। फेसबुक और गूगल समेत २१ वेबसाइट्स के खिलाफ पत्रकार विनीत राय ने आपत्तिजनक सामग्री परोसने का मामला दर्ज किया था। उनके वकील एडिशनल सॉलीसिटर जनरल एन हरिहरन ने कहा कि तमाम वेबसाइट्स यूट्यूब के जरिए अश्लील सामग्री दिखा रहे हैं। वह आपत्तिजनक सामग्रियों को हटाए जाने के आदेश का पालन भी नहीं कर रहे हैं, जिससे मामला सुलझ नहीं पा रहा है।





