विधानसभा चुनाव में इस बार चुनाव आयोग ने प्रिन्ट मीडिया पर निगरानी करने की तैयारी की थी। आयोग का यह मानना था कि कुछ समाचार पत्र पेड न्यूज छापकर चुनाव को प्रभावित करते हैं। लेकिन चुनाव आयोग की यह पहल सार्थक होती नहीं दिख रही है। कुछ समाचार पत्र धड़ल्ले से पेड न्यूज या यूं कहें कि पीत पत्रकारिकता करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला है शाहजहांपुर का, जहां देश के नामी समाचार पत्र अमर उजाला ने दिनांक 30 जनवरी के अंक में रंग लाई कोशिश, सेना की भर्ती रैली मार्च में शीर्षक से प्रकाशित की जिसमें कैप्शन दिया गया- सांसद के प्रयास से मिलेगा लोगों को रोजगार का मौका।
शाहजहांपुर के 57 प्रतिशत युवा मतदाता हैं जो आगामी विधानसभा में जिले की छह विधानसभा सीटों पर अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनकर विधानसभा भेजेंगे। पुवायां विधानसभा से सांसद मिथलेश की पत्नी शकुंतला, समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी हैं। पुवायां विधानसभा में 59.49 प्रतिशत युवा मतदाता हैं जिनको लुभाने के लिये सांसद मिथलेश ने अपने प्रयासों से सेना में भर्ती कराये जाने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित कराई जिससे यह साफ जाहिर होता है कि वह युवाओं को अपनी पत्नी के पक्ष में मतदान करने के उद्देश्य से कराई गई। क्या चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। समाचार पत्र चुनाव आयोग की धज्जियां उड़ा रहे है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





