न्यूयार्क/नई दिल्ली : इंटरनेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी गूगल ने अपने ब्लॉगर प्लेटफार्म पर विभिन्न देशों के नियमों के अनुसार सामग्री उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। कुछ दिन पहले माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने भी इसी तरह का कदम उठाया था। इंटरनेट को नियमन में बांधने के लिए भारत सहित विभिन्न देशों द्वारा कदम उठाए जाने को लेकर चल रही बहस के बीच गूगल भी ऑनलाइन कंटेंट पर कुछ रोक लगाने जा रही है।
कंपनी ने कहा है कि वह विभिन्न देशों के हिसाब से अलग-अलग सामग्री पर प्रतिबंध लगा सकेगी। इसका मतलब यह है कि यदि कोई ब्लॉग ऑस्ट्रेलियाई कानून का उल्लंघन करता है, तो गूगल उसे ऑस्ट्रेलिया में ब्लॉक कर सकती है, जबकि बाकी देशों में वह चालू रह सकता है। गूगल ने कहा कि वह आगामी सप्ताहों में अपने ब्लॉगर प्लेटफार्म पर देश विशेष वाला यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) लगाने जा रही है। भारत में वर्ष 1999 में अपनी ब्लॉगर सेवा शुरू करने वाली गूगल ने कहा है कि यह नियम भारत, ब्राजील, होंडुरास और जर्मनी में लागू हो जाएगा। इन देशों की सरकारों ने इंटरनेट पर लगाम कसने की मुहिम छेड़ रखी है। हालांकि गूगल ने इस रोकथाम को पूरे विश्व में समान रूप से लागू करने से इंकार कर दिया है। गूगल यह रोकथाम देश के स्थानीय कानून के आधार पर ही करेगी। जिन देशों को इंटरनेट कंटेट से कोई परेशानी नहीं है वहां ब्लॉग कतई ब्लॉक नहीं किए जाएंगे। गूगल का कहना है कि इससे उसे वैचारिक स्वतंत्रता का अधिकार मिला है। जिसे वह स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करती रहेगी। (एजेंसिया)





