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अखबारों-पत्रिकाओं की पूरी जानकारी नहीं रखता आरएनआई!

नई दिल्ली : समाचार पत्र पंजीयक (आरएनआई) के कामकाज पर एक तरह से उंगली उठाते हुए केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि पंजीयक समाचार प्रकाशकों से सूचना प्राप्त नहीं करती या इसका आंकड़ा नहीं रखती। सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने लखनऊ के इजहार अहमद अंसारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, संगठन पंजीकृत समाचार पत्रों से विधिक सूचना प्राप्त नहीं करती या इसका आंकड़ा नहीं रखती है। इसलिए कोई सूचना नहीं दी जा सकती।

नई दिल्ली : समाचार पत्र पंजीयक (आरएनआई) के कामकाज पर एक तरह से उंगली उठाते हुए केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि पंजीयक समाचार प्रकाशकों से सूचना प्राप्त नहीं करती या इसका आंकड़ा नहीं रखती। सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने लखनऊ के इजहार अहमद अंसारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, संगठन पंजीकृत समाचार पत्रों से विधिक सूचना प्राप्त नहीं करती या इसका आंकड़ा नहीं रखती है। इसलिए कोई सूचना नहीं दी जा सकती।

अंसारी ने समाचार पत्र की ओर से पंजीकरण के समय की गई घोषणा, चार वर्षों के वार्षिक आय की घोषणा, प्रकाशित समाचार पत्रों की प्रति मांगी थी। उन्होंने दावा किया कि सभी सूचनाएं आरएनआई के पास होनी चाहिए। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि देश में 80 हजार समाचार पत्र पंजीकृत हैं और उसके पास सभी की निगरानी करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।

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