साथियों, leaves को लेकर मनमानी और indiscipline लगातार बढ़ता जा रहा है. एडवांस में leaves लेने की प्रक्रिया इसीलिए शुरू की गई थी कि काम में कोई रुकावट न आए.. लेकिन कुछ लोग फोन या sms कर अचानक छुट्टी ले लेते हैं, जिससे लगातार काम प्रभावित हो रहा है. खासतौर पर त्योहार पर या उसके आगे पीछे और weekly off के आगे पीछे अचानक छुट्टी लेने से काम पर असर पड़ रहा है।
त्योहार अचानक नहीं आते, इसलिए अचानक छुट्टी लेने का कोई औचित्य नजर नहीं आता, खासकर यह कहकर कि यह त्योहार हमारे यहां जरूरी होता है. अगर जरूरी है तो आप एडवांस में छुट्टी मांग सकते हैं. दशहरा, दिवाली पर बहुत से साथियों ने 2 से 3 महीने पहले एडवांस में छुट्टियां ली थीं, लेकिन हमारे बहुत से साथी इस दौरान अचानक छुट्टी पर चले गए, यह जानते हुए भी कि विज्ञापन न के बराबर हैं और उनके न रहने पर काम प्रभावित हो सकता है और दूसरे साथियों पर प्रेशर आ जाएगा. कुछ लोग एडवांस में छुट्टियां लेने के बाद joining वाले दिन न आने की सूचना फोन पर दे देते हैं, यह भी एक गलत ट्रेंड है. अगर छुट्टियां प्लान की हैं तो उसी अनुसार चलना चाहिए, बहुत इमरजेंसी हो तो बात समझ में आती है.
यह ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है कि जिसकी जब मर्जी हो वह छुट्टी ले रहा है. इसे अनुशासित करने की बहुत जरूरत है, खासकर जब एनसीआर एडिशंस में काम का इतना प्रेशर है और आने वाले समय में इस काम का और विस्तार होने जा रहा है. हम सभी के भीतर यह अहसास जरूर होना चाहिए कि मैं नहीं गया तो काम कैसे होगा. आपका यही अहसास साल के अंत में बहुत काम आता है.
अपने ड्यूटी टाइम का भी ध्यान रखें, बहुत से साथी टाइम से 15 से 20 मिनट लेट आते हैं, अच्छा होगा अगर उनका आने का टाइम ड्यूटी से 15 मिनट पहले हो जाए. क्योंकि आने के बाद काम शुरू करने में 20 मिनट का समय तो लग ही जाता है.
आखिर में…हमारे जो भी साथी अपने दोस्तों से चैट किए बगैर एक पल भी नहीं रह सकते…उन्हें खुद पर कंट्रोल करना सीखना होगा…काम के समय सिर्फ काम…काम खत्म करने के बाद जितनी चैट करनी हो करें.
धन्यवाद





