: अपडेट : पंजाब केसरी, नोएडा के कार्यालय में कल जमकर गाली-ग्लौज हुआ. ब्यूरोचीफ और रिपोर्टर ने एक दूसरे को जमकर गरियाया. कार्यालय वाले इस थुक्का-फजीहत को देखकर सन्न रह गए. बताया जा रहा है कि घटना चुनाव में मलाईदार बीट हाथ से निकल जाने को लेकर हुआ है. नोएडा में पंजाब केसरी के ब्यूरोचीफ हैं अभिमन्यु पाण्डेय, पिछले ढाई सालों से अखबार को सेवा दे रहे हैं. वहीं अखिलेश सिंह चौहान यहां पर रिपोर्टर हैं. इन्हीं दोनों लोगों के बीच कल जमकर गाली-ग्लौज हुई तथा एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी गई.
घटना के पीछे की कहानी बताई जा रही है कि अभिमन्यु पाण्डेय के पास पॉलिटिकल बीट था, सभी प्रमुख पार्टियों के कवरेज की जिम्मेदारी इन्हीं के पास थी. अमितेश ने अपने एक परिचित धीरेंद्र अवाना को अखबार में रिपोर्टर बनवा दिया. इसकी ब्यूरोचीफ को भनक तक नहीं लगी सभी कुछ हेड आफिस से हुआ. धीरेंद्र को 24 जनवरी को एप्वाइंटमेंट लेटर, बीट लेटर तथा आई कार्ड इश्यू हो गया और अभिमन्यु पाण्डेय को जानकारी नहीं हुई. उनके हाथ से एआरटीओ, भाजपा और बसपा जैसी पार्टियों के बीट छीन गए. ये बीट धीरेंद्र अवाना को दे दिए गए. यहां तक तो ठीक था, पर चुनाव के मौसम में नुकसान को बर्दाश्त कर पाना किसी के लिए मुश्किल है. कल भी ऐसा ही हुआ. कहा जा रहा है कि भाजपा प्रत्याशी ने बीट देखने वाले रिपोर्टरों को प्रसन्न किया. इस प्रसन्नता अभियान में जिसकी जितनी औकात थी वो उतना प्रसन्न किया गया. इसकी भनक पंजाब केसरी कार्यालय भी पहुंची. पहले से ही एक दूसरे से खार खाए ब्यूरोचीफ रिपोर्टर आपस में भिड़ गए.
हालांकि अब जो नई खबर आ रही है वह यह है कि अखिलेश वर्तमान में पंजाब केसरी के रिपोर्टर नहीं हैं बल्कि वे डीएलए से जुड़े हुए हैं. बताया जा रहा है कि अखिलेश पंजाब केसरी से बाहर होने के लिए अभिमन्यु को ही जिम्मेदार मानते रहे हैं. इसी को लेकर वे अभिमन्यु से कई बार उलझ चुके हैं. इस बार भी कुछ इसी तरह का मामला था. बताया जा रहा है कि अभिमन्यु ने अखिलेश की कुछ गलतियों की शिकायत प्रबंधन से की थी, जिसके बाद उन्हें हटा दिया गया था.





