लखनऊ से नोएडा शशांक शेखर त्रिपाठी पहुंच गए हैं। उनके पहुंचने के साथ ही नोएडा में परिवर्तन शुरू हो गया है। शशांक शेखर त्रिपाठी के आते ही जागरण डाट काम को जागरण पोस्ट वाली जगह मुहैया करा दी गई है और बताया जा रहा है कि यह सिर्फ इसलिए किया गया है क्योंकि जागरण डॉट काम में कोई केबिन नहीं थी और शशांक शेखर के कद को देखते हुए उन्हें सामान्य व्यक्ति की तरह कैसे बैठाया जा सकता था। यानी तुष्टिकरण के लिए उन्हें जागरण पोस्ट वाली जगह मुहैया करा दी गई है। इसी केबिन की किचकिच में संभवतः एक दिन जागरण पोस्ट के संपादक अविनाश झा अपनी झिझक मुहैया कराते हुए नजर आ रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि इस समय वह हमेशा उखड़े उखड़े रहते हैं औऱ उखड़न में वह अपनी टीम के साथी औऱ सीजीएम निशिकांत ठाकुर के रिश्तेदार तक से भिड़ बैठे। वैसे बताया जा रहा है कि अविनाश झा ने अंजनी झा के लिए असंसदीय भाषा का भी प्रयोग किया। हालांकि दंड़ित अंजनी को ही किया गया क्योंकि संपादक महोदय को तो कोई कुछ कर नहीं सकता। वैसे सूत्र बता रहे हैं कि इसमें अंजनी झा की कोई गलती नहीं थी। संपादक ने ही अंजनी को भला बुरा कहा जिससे बहुत कम बोलने वाले अंजनी भड़क गए। जिसके बाद उन्हें दो दिन तक फोर्स लीव पर भी रहना पड़ा। पर यह किस न्याय की किताब में लिखा है कि गलती कोई करें और भुगते कोई।
डा. अविनाश झा के पर कतरने की तैयारी चल रही है। संभव है कि उन्हें शशांक शेखर के अंडर में कर दिया जाए और उन्हें शशांक शेखर को रिपोर्ट करना पड़े। वैसे शशांक शेखर त्रिपाठी के आने के बाद जागरण डाट काम में भी कम हलचल नहीं है। कई लोग परेशान हैं तो कई लोग इधर उधर हाथ मारने लगे हैं। वैसे कुछ लोग बता रहे हैं कि जब से शशांक शेखर आए हैं उन्हें सिर्फ यूपी की सियासी खबरें भी नजर आती हैं उनकी अपेक्षा होती है कि ज्यादा से ज्यादा खबरें यूपी की सियासत की ही लगें। इसी हलचल से खबर है कि यहां से एक सब एडिटर इस्तीफा दे चुकी है तो दो लोग इस्तीफे की कतार में है जिसमें एक सीनियर सब औऱ एक चीफ सब एडिटर शामिल हैं। हालांकि माना जा रहा है कि जागरण डाट काम से जल्द ही एक और बड़ा विकेट गिर सकता है।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





