आई नेक्स्ट, बनारस से खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार एवं सिटी इंचार्ज राजनाथ तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है. वे जागरण ग्रुप के इस बच्चा अखबार की लांचिंग के समय से जुड़े हुए थे. सूत्रों का कहना है कि अखबार के संपादकीय प्रभारी विश्वनाथ गोकर्ण ने राजनाथ तिवारी के सामने इस तरह की स्थिति पैदा कर दी थी कि उन्होंने इस्तीफा देना ही बेहतर समझा. राजनाथ तिवारी लगभग तीन दशकों से बनारस की पत्रकारिता में सक्रिय हैं तथा तेजतर्रार पत्रकार माने जाते हैं.
सन 83 में जनमुख से अपना करियर शुरू करने वाले तिवारी सन 85 में दैनिक जागरण से जुड़ गए. एक दशक से ज्यादा समय तक सेवा देने के बाद ये 97 में अमर उजाला चले गए. सन 2000 में हिंदुस्तान पहुंचे तथा लांचिंग टीम के सदस्य बने. 2007 में जब आई नेक्स्ट बनारस में लांच होने जा रहा था तब राजनाथ तिवारी ने इसके साथ अपनी पारी शुरू की. तब से यही थे. पर बताया जा रहा है कि विश्वनाथ गोकर्ण कार्यालय के भीतर इस तरह की स्थितियां पैदा कर दी हैं कि लोग इस टैबलाइड को छोड़ने की मजबूर हैं. एक बड़ा सवाल आई नेक्स्ट प्रबंधन के सामने भी है कि आखिर क्या कारण है कि एक के बाद एक लोग अखबार छोड़कर जा रहे हैं, पर उनकी जगह कोई आना नहीं चाहता है.
गौरतलब है कि विश्वनाथ गोकर्ण की आदतों से परेशान होने के चलते ही अम्बुजेश शुक्ला, आशीष तिवारी, कुमार विजय, प्रमीला तिवारी, अमित यादव, आशुतोष पाण्डये, अरुण मिश्रा, वीणा तिवारी एवं रितु सिंह जैसे लोगों को अखबार छोड़ना पड़ा. रितु सिंह को तो जिन परिस्थितियों में संस्थान से जाना पड़ा उसने तो बनारस की पत्रकारिता में भूचाल ला दिया था. अभी पिछले दिनों फोटोग्राफर मदन मेहरोत्रा विश्वनाथ गोकर्ण के निशाना बने. उन्हें जबरिया परेशान करके जमशेदपुर भिजवाया गया. खबर है कि वहां भी उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. सवाल यह है कि आखिर प्रबंधन ने अपने आंख पर कौन सी पट्टी बांध रखी है कि उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है.






