महुआ न्यूज से खबर है कि एक बार फिर सीबाआई टीम ने प्रज्ञा एवं महुआ न्यूज की बिल्डिंग पर छापा मारा. दर्जनों की संख्या में पहुंचे अधिकारियों ने दोनों बिल्डिंगों को अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद उन्होंने किसी के भी अंदर-बाहर जाने पर रोक लगा दिया. बताया जा रहा है कि दोनों बिल्डिंगों में जमकर तलाशी ली गई. सीबीआई अधिकारी घंटों कम्प्यूटर तथा कागजात की जांच-पड़ताल की. बताया जा रहा है कि सीबीआई अधिकारियों के हाथ कुछ अहम सबूत भी लगे हैं. ये छापेमारी क्यों की गई है इसकी जानकारी नहीं हो पाई है.
वैसे बताया जा रहा है कि पीके तिवारी के घालमेल करने की शिकायत पर यह छापेमारी हुई थी. इसके पहले भी मार्च में महुआ ग्रुप पर इनकम टैक्स तथा प्रवर्तन निदेशालय की टीम छापेमारी कर चुकी है. वो छापा पीके तिवारी की लंदन वाली कंपनी के लेनदेने के मामले में किया गया था. बताया जा रहा है कि इस बार का सीबीआई छापा भी कुछ उसी तरह की शिकायतों के बाद किया गया है. पीके तिवारी की कंपनी के खिलाफ बैंक एवं बीमा कंपनियों से भी लेनदेन में घालमेल और गड़बड़ ट्रांजिक्शन की शिकायतें सुनने को मिल चुकी हैं. बताया जा रहा है कि यह छापेमारी वित्तीय गड़बडियों के चलते ही की गई है.
वैसे भी इनकम टैक्स तथा प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद आर्थिक संकट से उबरने के लिए चैनल प्रबंधन बंपर छंटनी कर चुका है. महुआ ग्रुप का बाग्ला चैनल बंद हो चुका है. के बनी करोड़पति में कई लोगों का पैसा फंसा हुआ है. शत्रुघ्न सिन्हा, सौरव गांगुली समेत कई लोगों का बकाया महुआ ग्रुप पर बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि इसी तरह की तमाम गड़बडि़यों की शिकायत के बाद ही इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. हालांकि सीबीआई के छापेमारी की खबरों को चैनल हेड राणा यशवंत सिंह ने अफवाह बताया तथा इस तरह की किसी भी छापेमारी की कार्रवाई से पूरी तरह इनकार करते हुए कहा कि यह कंपनी को बदनाम करने की साजिश है.





