हिंदुस्तान, बनारस की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही है. अभी तक बनारस से कई लोग इस्तीफा देकर जनसंदेश पहुंचे थे, अब खबर है कि हिंदुस्तान, सोनभद्र से भी कई लोग जनसंदेश से जुड़ गए. हिंदुस्तान की टीम में केवल एक पत्रकार रह गया है. वहां अखबार की स्थिति पहले से ही दयनीय थी, एक बार भी हालत पतला हो गया है. खबर है कि विजय विनीत एवं जुल्फेकार हैदर के बाद शशिंकात एवं राजेश कुमार पाठक भी जनसंदेश टाइम्स से जुड़ गए हैं. ब्यूरो कार्यालय में अब केवल प्रशांत रहे गए हैं. प्रबंधन के सामने सोनभद्र को कंट्रोल करना मुश्किल होता जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि सोनभद्र में हिंदुस्तान के ब्यूरोचीफ राहुल श्रीवास्तव हुआ करते थे. एक दशक से ज्यादा समय से राहुल ही अखबार को सोनभद्र में संभाल रहे थे. हालांकि उनके नेतृत्व में अखबार कभी भी जागरण या अमर उजाला को पीछे नहीं छोड़ पाया. उन पर खबरों को मैनेज करने के आरोप बराबर लगते रहते थे, पर प्रबंधन को खुश रखने की नीति से उनका बाल भी बांका नहीं हो पाता था. सारे संपादक राहुल के कुशल व्यवहारिकता से प्रसन्न रहते थे. अगर किसी को ओबेलाइज करना हो तो राहुल से सीखा जा सकता था, पर उच्च स्तर पर किसी मामले की शिकायत हो जाने के बाद राहुल को संस्थान से जाना पड़ा.
हालांकि स्थानीय संपादक अनिल भास्कर ने अपने प्रिय ब्यूरोचीफ राहुल को बहुत बचाने की कोशिश की परन्तु सफल नहीं हो पाए. ऊपर से फरमान आने के बाद, न चाहते हुए भी मजबूरी में उन्हें राहुल के लिए विदाई गीत गानी पड़ी. फिर सोनभद्र के तेजतर्रार पत्रकार आवेश तिवारी को सोनभद्र का ब्यूरोचीफ बनाया गया, पर संपादक व राहुल एंड कंपनी ने तमाम तरह के झूठे सही आरोप लगाकर आवेश से भी ब्यूरोचीफ की कुर्सी छीन ली. हालांकि इसके पीछे कारण यह बताया गया कि राहुल श्रीवास्तव नहीं चाहते थे कि आवेश तिवारी सोनभद्र में अखबार के ब्यूरोचीफ बने, क्योंकि इससे उनके साम्राज्य को खतरा था. इसलिए संपादक ने एक खास रणनीति के तहत जांच समिति गठित की. जांच की जिम्मेदारी संपादक भास्कर ने अपने खास एवं डाक इंचार्ज आदर्श शुक्ला को सौंपी. आदर्श ने संपादक के मनमाफिक रिपोर्ट सौंपी और आवेश की कुर्सी चली गई.
इसके बाद प्रबंधन ने सीनियर रिपोर्टर विजय विनीत को ब्यूरोचीफ बनाकर सोनभद्र भेजा. विजय विनीत सोनभद्र गए पर उनकी वरिष्ठता को देखते हुए यह उनके डिमोशन जैसा था. बताया जा रहा है कि यह काम भी इनको किनारे करने के लिए लगाया गया था. पहले से ही नाराज चल रहे विजय विनीत ने सोनभद्र ज्वाइन तो कर लिया पर वहां रम नहीं पाए. पहले उन्होंने मेडिकल लीव ली उसके बाद वे हिंदुस्तान से इस्तीफा देकर जनसंदेश टाइम्स में वरिष्ठ पद पर ज्वाइन कर लिया. बताया जा रहा है कि उन्होंने ही सोनभद्र में हिंदुस्तान को झटका दिया है. प्रशांत को छोड़कर सारे लोगों को जनसंदेश टाइम्स से जोड़ दिया. गौरतलब है कि जिलों में लोगों की नियुक्ति की जिम्मेदारी विजय विनीत ही संभाल रहे हैं. दूसरी तरफ हिंदुस्तान के सूत्रों का कहना है कि सोनभद्र में टीम के जाने से खुशी हैं क्योंकि राहुल श्रीवास्तव को फिर से कमान देने की राह लगभग तैयार हो चुकी है.





