: दोनों तरफ से मामला दर्ज कराया गया : लखनऊ में हमार टीवी की टीम के ऊपर हमला हुआ है. छह से आठ की संख्या में मौजूद युवकों ने आवास विकास कार्यालय के पास हमार टीवी के डाइरेक्टर जीके शास्त्री की गाड़ी रोकी तथा उसमें बैठे खालिद गौरी, कैमरामैन मनोज दुबे तथा ड्राइवर मनोज को मारा-पीटा. इसके बाद चले गए. हमार टीवी की टीम ने लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में पूर्व ब्यूरोचीफ सीपी सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. वहीं सीपी सिंह ने भी उन्हें झूठे फंसाने तथा बकाया पैसा न देने का मुकदमा दर्ज करा दिया है.
बताया जा रहा है कि बुधवार को हमार टीवी की टीम लखनऊ में एक्जीक्यूटिव डाइरेक्टर जीके शास्त्री के साथ किसी काम से जा रही थी. तभी आवास विकास के कार्यालय के पास इनलोगों की गाड़ी रोककर छह से आठ लोगों ने मारपीट तथा हाथापाई की. इसके बाद वे लोग फरार हो गए. हमला नए ब्यूरोचीफ खालिद, कैमरामैन मनोज दुबे एवं ड्राइवर मनोज पर किया गया. हमार की टीम की तरफ से गौतमपल्ली थाने में हमार टीवी के पूर्व ब्यूरोहेड सीपी सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 323 तथा 506 के तहत मामला दर्ज करा दिया गया. इसके बाद सीपी सिंह ने भी पॉजिटिव मीडिया के एक्जीक्यूटिव डाइरेक्टर जीके शास्त्री एवं खालिद समेत कई लोगों पर आईपीसी की धारा 406, 504 तथा 506 के तहत मामला दर्ज करा दिया गया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
इस संदर्भ में पूछे जाने पर सीपी सिंह ने बताया कि पॉजिटिव मीडिया प्रबंधन बिना वजह उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा है. मेरा उन लोगों के ऊपर 23 लाख रुपये बकाया है. मैं उसकी मांग कर रहा हूं इसिलिए उनको फंसाने की साजिश रची गई है ताकि मैं अपने पैसे ना मांग सकूं. उन्होंने कहा कि मुझसे एक करोड़ तीस लाख रुपये का विज्ञापन मांगा गया, जिसको देने में मैंने असमर्थता जताई तथा मैंने संस्थान छोड़ दिया. इसके बाद मैं ने कमिशन एवं अन्य खर्च के बकाया अपने पैसे मांगे तो मुझे फंसाने की साजिश रची गई. मैं घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं था, पर मेरे नाम से एफआईआर दर्ज करा दी गई. खालिद पहले से विवादित रहे हैं. एक स्ट्रिंगर से पन्द्रह हजार रुपये मांगने की खबर भी आपके पोर्टल पर चल चुकी है. अब ऐसे लोगों पर कोई भी हमला करे तो उसमें मेरा नाम घसीटा जाना कहा तक न्यायसंगत है.
इस संदर्भ में जब पॉजिटिव मीडिया के एक्जीक्यूटिव डाइरेक्टर जीके शास्त्री से बात की गई तो उन्होंने कहा कि संस्थान में आने के बाद सीपी सिंह के पुराने कारनामों का मुझे पता चला. इनके खिलाफ कई शिकायतें भी आईं. तमाम आरोप भी इनपर लगे, जिसको संज्ञान में लेते हुए एवं पत्रकारिता की नैतिकता को ध्यान में रखते हुए मैं ने इन्हें टर्मिनेट कर दिया. इसके बाद से ही ये लोग खफा चल रहे थे. जब मैं अपनी टीम के लोगों के साथ किसी से मिलने जा रहा था तो इनके लोगों ने हमला किया. शास्त्री ने एक करोड़ तीस लाख रुपये के विज्ञापन मांगे जाने के सीपी सिंह के आरोपों को फर्जी बताते हुए कहा कि यह सब हटाए जाने के बाद प्रबंधन को बदनाम करने की कोशिश है. अब आप सोच सकते हैं कि कई दशक के करियर में मेरे नाम पर एक भी धब्बा नहीं लगा लेकिन सीपी सिंह ने मेरे खिलाफ भी मुकदमा करा दिया है.





