चुनाव घोषित होने से पूर्व हिंदुस्तान समाचार पत्र के प्रधान संपादक शशि शेखर ने कहा था कि हम किसी भी हालत में पेड न्यूज़ नहीं छापेंगे. लेकिन जनपद फिरोजाबाद में हिन्दुस्तान पेपर में धड़ल्ले से पेड न्यूज़ छपी जा रही है. पाठक देखते ही अंदाज लगा लेते हैं कि ये एक ख़ास पार्टी का विज्ञापन किया जा रहा है. लेकिन न तो जिला प्रशासन और न ही चुनाव आयोग के कर्मचारी ही इस पर कोई कार्रवाई कर रहे है. इससे हिन्दुस्तान अखबार की साख को बट्टा लग रहा है, वो भी चंद रुपयों की खातिर. इस पेड न्यूज़ के अंत में MMI वर्ड का कोड भी दिया जा रहा है.
गौरतलब है कि ये पेड़ न्यूज़ सिर्फ हिन्दुस्तान में ही छापी जा रही है, बाकी के अखबार इस तरह की खबरों को छापने से परहेज कर रहे हैं. आपकी सुविधा के लिए हम 9 फरवरी के हिन्दुस्तान के फिरोजाबाद संस्करण में बहुजन समाज पार्टी के पक्ष में छ्पी खबर भी भेज रहे हैं. आप खुद ही अंदाजा लगा लें कि यह पेड न्यूज़ नहीं तो और क्या है. अब यह कैसे संभव है कि पेड न्यूज छपे और संपादक को पता न हो. आखिर पत्रकारों की इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि अपने प्रधान संपादक के आदेशों की खुले आम अवहेलना करे.
इन खबरों से तो ये ही जाहिर होता है कि प्रधान संपादक अपने संस्थान के भीतर चल रहे गोरखधंधे से वाकिफ नहीं हैं या फिर उनके खाने के दांत और दिखाने के दांत और हैं. अब मैं भड़ास के माध्यम से यह बात प्रधान संपादक तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं कि अगर वे इस मामले से अनजान हैं तो जान लें. मैं दो खबरों की कटिंग भी भेज रहा हूं, जिसमें एक की हेडिंग 'जन-जन का मिल रहा खालिद को समर्थन' तथा दूसरा 'ना झंडे, ना पर्चा, हर तरफ खालिद की चर्चा' है. इन खबरों को पढ़ने के बाद आसानी से समझ में आ रहा है कि हिंदुस्तान धड़ल्ले से पेड न्यूज छाप रहा है. इन खबरों में खालिद के पिता नसीरुद्दीन, जो इस बार बसपा से विधायक रहे हैं उनके भी विकास कार्यों की लंबी लिस्ट महिमा मंडन के साथ छापी गई है.

हिंदुस्तान के 8 फरवरी का अंक

हिंदुस्तान के 9 फरवरी के अंक में प्रकाशित खबर





