नई दिल्ली : आपत्तिजनक सामग्री प्रदर्शित करने के आरोप में दिल्ली हाईकोर्ट के निशाने पर आई दुनिया की सबसे बड़ी सर्च वेबसाइट गूगल पर अब फेमा का शिकंजा भी कस गया है। भारत में की गई कमाई को अवैध तरीके से विदेश भेजने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गूगल की भारतीय इकाई गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इस सिलसिले में ईडी गूगल को नोटिस भेज चुका है।
इसके साथ ही आयकर विभाग ने भी गूगल इंडिया को लगभग 12 करोड़ रुपये कर चुकाने का नोटिस थमा दिया है। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बहुत ही चतुराई से भारत में की गई कमाई को भारतीय रिजर्व बैंक को सूचित किए बिना आयरलैंड स्थित गूगल को स्थानांतरित कर रहा है। इसके लिए उसने बाकायदा गूगल आयरलैंड के साथ करार कर रखा है। पर फेमा नियमों के मुताबिक ऐसे किसी करार से भारत में की गई कमाई को बिना कर चुकाए विदेश नहीं भेजा जा सकता है।
दरअसल, मुफ्त में किसी भी छपी हुई सामग्री को खोजने की सुविधा देने वाला गूगल इंडिया विज्ञापन के माध्यम से सालाना करोड़ों रुपये की कमाई करता है। पर इस कमाई पर टैक्स चुकाए बिना ही अपनी दूसरी कंपनियों के मार्फत विदेश भेज देता है। इसके लिए भारत में ही उसने गूगल इंडिया के अलावा इंडोक्सोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और विरोकेम इंफो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी भी बना रखी है। राजस्व विभाग के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक गूगल इंडिया ने इन दोनों कंपनियों में बड़ी मात्रा में निवेश किया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गूगल इंडिया पैसे भेजने के लिए विदेश स्थित अपनी ही कंपनी से ली गई तकनीक या दूसरी सेवाओं की कीमत काफी बढ़ा चढ़ाकर दिखाता है। आयकर विभाग और ईडी के अधिकारी इसकी जांच में जुटे में हैं। गूगल इंडिया के पिछले छह सालों के बही खातों की पड़ताल से आयकर विभाग को 12 करोड़ की कर चोरी के सबूत मिले हैं। आयकर विभाग भले ही केवल गूगल इंडिया से केवल छुपाए गए कर को वसूलने तक सीमित हो, पर ईडी की नजर उसके द्वारा विदेश में भेजे गए पूरी रकम है। इसके लिए ईडी भारतीय रिजर्व बैंक से मदद ले रहा है। फेमा उल्लंघन का मामला साबित होने की स्थित में गूगल इंडिया को पूरी रकम का तीन गुना तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। साभार : जागरण





