लखनऊ विश्वविद्यालय के फिल्म प्रोडक्शन विभाग के छात्रों ने अपनी रचनाधर्मिता को फिल्म की शक्ल दी है. रातुल सौम्य त्रिपाठी के नेतृत्व में छात्रों के एक समूह ने एक लघु फिल्म 'वारिस' का निर्माण किया है. इस फिल्म में भारत के बहुसंख्यक आबादी की गरीबी और लाचारी को सतह पर लाने का प्रयास किया गया है. छात्रों की टीम ने इस फिल्म के निर्माण के लिए कई महीनों की अथक मेहनत की.
युवा चाहते हैं कि उनका यह गैरलाभीय लघु फिल्म लोगों तक पहुंचे. इस फिल्म को बनाने में शिवम, शंकर देव, प्रियंका श्रीवास्तव, अशोक वर्मा, प्रांजल सिंह, राजेंद्र सिंह बिष्ट ने भी अपना योगदान दिया है. इस फिल्म में बचपन, जवानी और वृद्धावस्था तीनों की परेशानियों को समेटने का प्रयास किया गया है. युवाओं के इस रचनाधर्मिता को आप भी नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं.





