Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

आवाजाही, कानाफूसी...

मेरे कैद के वे पल और पुलिस की निष्क्रियता

यशवंतजी, दिनांक 8 फरवरी 2012 की शाम लगभग छह बजे पिताजी के लिए दवा लेने दुकान जा रहा था तभी अचानक आठ-दस लडकों ने बस स्टैण्ड रीठी पर घेर लिया एवं गाली-ग्‍लौज करने लगे। जिन लडक़ों ने मुझे घेरा था वे सब कटनी जिले के रीठी जनपद पंचायत के देवरी ग्राम के थे। उन्हीं में से एक ने गाली देते हुए कालर पकड़ ली व कहा कि बहुत बड़ा पत्रकार बन गया है, मेरे चाचा अनिल राय के खिलाफ कई बार समाचार पत्र में छाप चुके हो। तभी एक लड़के ने अनिल राय को फोन लगाया और कहा कि अखिलेश उपाध्याय का क्या करना है और उन्होंने मेरी बाइक की चाभी छीन ली और कहा कि चल देवरी अनिल चाचा ने बुलाया है। और मुझे जबरन देवरी ले जाने के लिए धक्का देने लगे। मेरे बार-बार कहने पर वे मान ही नहीं रहे थे तब मैं मजबूरन उनके साथ गाड़ी में बैठ कर देवरी गया। इन लडकों की तीन बाइक थी जो घेरकर आगे पीछे चल रही थी।

यशवंतजी, दिनांक 8 फरवरी 2012 की शाम लगभग छह बजे पिताजी के लिए दवा लेने दुकान जा रहा था तभी अचानक आठ-दस लडकों ने बस स्टैण्ड रीठी पर घेर लिया एवं गाली-ग्‍लौज करने लगे। जिन लडक़ों ने मुझे घेरा था वे सब कटनी जिले के रीठी जनपद पंचायत के देवरी ग्राम के थे। उन्हीं में से एक ने गाली देते हुए कालर पकड़ ली व कहा कि बहुत बड़ा पत्रकार बन गया है, मेरे चाचा अनिल राय के खिलाफ कई बार समाचार पत्र में छाप चुके हो। तभी एक लड़के ने अनिल राय को फोन लगाया और कहा कि अखिलेश उपाध्याय का क्या करना है और उन्होंने मेरी बाइक की चाभी छीन ली और कहा कि चल देवरी अनिल चाचा ने बुलाया है। और मुझे जबरन देवरी ले जाने के लिए धक्का देने लगे। मेरे बार-बार कहने पर वे मान ही नहीं रहे थे तब मैं मजबूरन उनके साथ गाड़ी में बैठ कर देवरी गया। इन लडकों की तीन बाइक थी जो घेरकर आगे पीछे चल रही थी।

दरअसल मामला यह है कि सहकारी समिति के माध्यम से की जा रही धान खरीदी में हमेशा की तरह इस बार भी अनिल राय सेल्समेन द्वारा धान खरीदी की जा रही थी, इस धान खरीदी में जमकर अनियमितताएं की गयी और खूब क्षेत्र के व्यापारियों ने किसानों के नाम फर्जी धान बेचकर माल कमाया. इस अनियमितताओं को शुरू से मैंने कटनी के कलेक्टर और एसडीएम को बार-बार अवगत कराया, लेकिन किसी ने भी कोई जाँच नहीं की। तभी किसी ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय विधायक निशीथ पटेल से की तो उनके आदेश पर सहकारी समिती रीठी ने तत्काल प्रभाव से सेल्स मैन अनिल राय से लीड का काम छीन लिया व एक जाँच दल इस मामले की जाँच करने पहुंचा। जब जाँच दल अपनी जाँच करने पंहुचा तब मैं भी स्थल पर जानकारी लेने पंहुचा।

इसकी खबर अगले दिन स्थानीय अखबारों में छपी, तब अनिल राय ने मेरे दो तीन मित्रों को फोन पर मेरे बारे में बताया कि अखिलेश को समझा लो भतीजों का नया खून है, कुछ भी हो सकता है। छह फरवरी को खबर छपने के दिन शाम को अनिल राय का रात आठ बजे फोन आया कि कहां हो और बहुत खबर छाप रहे हो कहां मिलोगे। तब मैंने कहा जहां कहोगे फोन करना मिल लेंगे, लेकिन अगले दिन अनिल राय का कोई फोन नहीं आया। आठ फरवरी को फालोअप में फिर से एक अखबार ने खबर छापी। मुझे आशंका थी कि चूंकि अनिल राय ने मेरे परिचितों को आगाह किया था इसलिए कुछ भी कर सकता है, इसी सिलसिले में मैे रीठी टीआई आरपी तिवारी के पास एक बजे गया और इस सारे घटनाक्रम को बताया। उन्होंने कहा मैं अनिल राय को बुलाकर समझा दूंगा।

उसके बाद क्या हुआ वह आप पढ़ ही चुके हैं। देवरी ले जाकर अनिल राय मुझसे पूछता रहा कि हमारे बारे में बार-बार क्यों लिख रहे हो। और तरह-तरह के दबाब डालकर और आरोप लगाकर मुझसे समाचार के सूत्र पूछता रहा। असल में अनिल राय और उसके व्यक्तियों की इस हिमाकत का कारण उसके द्वारा सेल्समेन के पद पर रहते हुए अकूत संपत्ति कमाना तथा उसकी पत्नी अहिल्या राय का राजनैतिक दल भाजपा से सम्बद्धता है। निश्चित है कि ऐसे व्यक्ति पुलिस और आला अधिकारियों को पैसे के दम पर अपने पक्ष में करके रखते हैं। मेरे अपहरण की सूचना मिलते ही मेरे मित्र पंद्रह मिनट में मेरे पास पहुंच गए और तब तक भोपाल में बैठे मेरे पत्रकार मित्र भी सक्रिय हो गए और उन्होंने आईजी, एसपी, कमिश्नर, भाजापा प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा सभी को सूचित कर दिया। पुलिस तो अपने समय के मुताबिक पहुची। ऐसे में टीआई रीठी की भूमिका भी संदिग्ध लगती है। मेरे मित्रों की संख्या देखकर अनिल राय के हौंसले ढीले पड़ गए और फिर मैं सकुशल घर पहुंच सका।

इस सारे मामले में पुलिस बिल्‍कुल भी निष्क्रिय बनी रही। जब मैं थाने रिपोर्ट दर्ज करने गया तो टीआई ने जबरन यह लिखवाया कि मैं अपने परिचित के साथ गया, जबकि पत्रकार होने के नाते मैं तो सभी से परिचित था। खैर अगले दिन प्रेस क्लब कटनी के द्वारा एसपी, कलेक्टर, जनसंपर्क आयुक्त भोपाल और मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम एक ज्ञापन दिया गया जिसमे तीन मांगे राखी गयीं –

1. एफआईआर दर्ज की जाए।
2. टीआई को तत्काल हटाया जाए।
3. सेल्स में अनिल राय को तत्काल पद से पृथक किया जावे।

तब कही जाकर एफआईआर दर्ज हो सकी और एडिशनल एसपी ने आश्वासन दिया कि बारह घंटे के अन्दर टीआई रीठी को भी हटा दिया जाएगा, पर अभी तक सक्रियता नहीं दिखाई गई है।

अखिलेश उपाध्‍याय

पत्रकार

रीठी (कटनी)

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...