आगरा : सी एक्सप्रेस समाचार पत्र में अब छटनी होने लगी हैं. हालत यह है कि कई जगह से किनारा कर चुके अमी आधार निडर को प्रबंधन ने साल के भीतर तय 5 लाख का विज्ञापन जुटाने को कह दिया है तो वहीं अन्य पुराने घाघ दूसरा ठिकाना तलाशने लगे हैं. वैसे कई घाघों के बायोडाटा जल्द ही शुरू होने जा रहे पुष्पांजलि समूह के नए अखबार 'पुष्प सवेरा' में पहुँच चुके हैं. बताया जा रहा है कि पुष्पांजलि समूह का अखबार एक अप्रैल से मार्केट में आएगा.
यही कारण है कि अभी पुष्पांजलि समूह मोटी तनख्वाह वाले घाघों की बजाय छोटे पत्रकारों की नियुक्ति कर रहा है. पुष्पांजलि समूह के साथ नौकरी करने में सबसे बड़ा खतरा यह है कि पुष्पांजलि समूह मूलतः रियल इस्टेट के धंधे में कार्यरत है और समूह ने अधिकतर बिल्डिंग्स तालाब की जमीन पर कब्जा करके बनायी है. इन अवैध कब्जों को ढहाने की तैयारी प्रशासनिक स्तर पर हो रही है. जो कोई भी वरिष्ठ पत्रकार इस समूह में जाएगा उसे मालिक को उसके दुखों से उबारने की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी. यह काम आसान न होगा. आगरा के बाज़ार में नवभारत टाइम्स के भी आने की चर्चा है. इसी कारण सी एक्सप्रेस में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत पुराने घाघ वेट एंड वाच की स्थति में हैं और लाला की खरी खोटी सुनकर चुपचाप काम चलाने को मजबूर हैं.





