एक सज्जन ने मेल के जरिए भड़ास के पास जो अटैचमेंट भेजा है, उसमें पंजाबी में प्रकाशित एक खबर है. इस मेल के सब्जेक्ट में लिखा है- ''Bhaskar Ke Ramesh Aggarwal Bhaogra Karar''. जिन्हें पंजाबी नहीं आती, वे इस न्यूज को नहीं समझ सकते. यही दिक्कत भड़ास टीम की भी है. पर पंजाबी न जानने वाला भी अगर थोड़ा प्रयास करे तो कुछ कुछ समझ में आ जाता है. जैसे, यह समझ में आ रहा है कि खबर की शुरुआत ''पटियाला, 12 फरवरी'' डेटलाइन के जरिए की गई है. लेकिन पूरी खबर है क्या, इसे कोई अगर पंजाबी जानने वाला पत्रकार साथी हिंदी में ट्रांसलेट करके [email protected] पर भेज दे तो उसकी महान कृपा होगी.
हम यह मानकर चल रहे हैं कि खबर रमेश चंद्र अग्रवाल के भगोड़ा होने से संबंधित होगी. ऐसा इसलिए क्योंकि एक बार पहले भी हम लोग पटियाला की अदालत में रमेश चंद्र अग्रवाल को लेकर दायर एक मुकदमें की खबर भड़ास पर प्रकाशित कर चुके हैं. संभव है, कई बार अदालती नोटिस के बावजूद हाजिर न होने पर अदालत ने अग्रवाल साहब को भगोड़ा करार दिया हो.

: अपडेट : शिमला से वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण भानु ने भड़ास4मीडिया को इस पंजाबी समाचार का हिंदी रुपांतरण मुहैया कराया है, जिसके लिए हम उनके आभारी हैं. -एडिटर, भड़ास4मीडिया
संपादक और पत्रकार भगोड़ा घोषित
पटियाला, 12 फरवरी (मनजिन्दर) : पटियाला की एक अदालत ने फौजदारी के मुकदमें में चंडीगढ़ से प्रकाशित होने वाले हिन्दी के एक अखबार के सम्पादक और पत्रकार गौरव शर्मा को भगौड़ा करार दे दिया है। अदालत के बार-बार समन, जमानती और गैर जमानती वारंट जारी करने के बावजूद भी उक्त मुलजिम अदालत में पेश नहीं हुए, जिससे अदालत ने मुलजिमों को आखिरी मौका देते हुए अखबार में भी नोटिस प्रकाशित किया, परन्तु इसके बावजूद मुलजिम पेश नहीं हुए।
आखिर अदालत ने उक्त अखबार के संपादक व पत्रकार को भगोड़ा करार दे दिया। दूसरी और अखबार के संपादक ने अदालती कार्रवाई से बचने के लिए पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करके प्रोसिडिंग पर स्थगनादेश ले लिया है। उक्त अखबार ने साल 2003 में पटियाला निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ एक झूठी और बेबुनियादी खबर प्रकाशित की थी। 9 अक्तूबर 2003 में उस व्यक्ति ने अपने वकील सतीश करकर पटियाला की अदालत में अखबार के संपादक, प्रिंटर, पब्लिशर, ब्यूरो चीफ व पत्रकार के खिलाफ धारा 499 व 500 के तहत मामला दायर किया था।





