मेरठ : दैनिक जनवाणी का एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्रीन वुड सिटी में एक मीट का आयोजन किया गया। इस मौके पर देहरादून एडिशन की शुरुआत जल्द करने की घोषणा करने के अलावा स्टोरी आफ द ईयर समेत कई पुरस्कारों का वितरण भी किया गया। मीट में सभी साथियों को संबोधित करते हुए डॉयरेक्टर भूपेंद्र बाजवा ने कहा कि, जो हौसलामंद हैं, उनके हौसले नहीं बढ़ाया करते। जनवाणी की पूरी टीम का हौसला ही इसकी सफलता का मूल है। हमने एक परिवार की तरह काम किया है। एक-दूसरे के हर कार्य को मिल-बांटकर पूरा किया है। कहने वाले कहते रहे, अफवाहें फैलाते रहे, और हम आगे बढ़ते रहे।
उन्होंने कहा कि, यह अच्छी बात है कि इस सफर में जो लोग पहले दिन से साथ थे, वे ही अभी तक बरकरार हैं। उन्होंने वादा किया कि अखबारी माहौल में नौकरियां बदलने का चलन ज्यादा है, लेकिन जनवाणी का हर साथी यहां से रिटायरमेंट के बाद ही जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले दिन से यह कभी नहीं लगा कि जनवाणी नया अखबार है, संपादकीय से लेकर मशीन तक के सभी साथियों ने इसे पहले दिन से ही अखबार को कॉम्पटीशन में रखा था। श्री बाजवा ने जल्द ही देहरादून एडीशन शुरू करने की बात कही। डॉयरेक्टर जितेंद्र बाजवा ने सारी टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान में कोई भी कार्य कम महत्वपूर्ण नहीं है और जनवाणी का हर साथी खुद को मिली जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा है, यही हमारी सफलता है। अभी एक साल पूरा हुआ है, ऐसे कई साल आएंगे। वर्षगांठ होंगी, और यकीन है, कि हम सब साथ होंगे।

जनवाणी के समूह संपादक यशपाल सिंह ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि, तमाम आशंकाओं के बावजूद जो हौसला, हिम्मत और जीवट सभी साथियों ने दिखाया है, वह तारीफ और शुक्रिया का हकदार है। हमारे बारे में कई तरह की बातें कही गईं, लेकिन हम काम करते रहे। नए सफर की शुरुआत में जिस तरह लोगों ने दिन रात देखे बिना, अपना सर्वश्रेष्ठ दिया वह काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने कहा कि शुरुआत एक मुश्किल काम है। कई चीजें नए सिरे से जमाना और उन्हें तरतीब देना जीवट के धनी लोगों का ही कमाल है और जनवाणी की पूरी टीम ने वह कर दिखाया, जिसे करिश्मा कहते हैं।
एसोसिएट एडीटर रवि शर्मा ने कहा कि, एक साल पहले का वह दिन सभी को याद होगा, जब सारी टीम एक नए सफर की शुरुआत कर रही थी। जिनके बाजुओं में दम होता है, वही नए सफर पर चलते हैं। हम आए और पहले ही दिन से यह बता दिया था कि अखबार की दुनिया में एक नई चुनौती शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि यह महज शुरुआत है। हम जानते हैं कि आगे और मुश्किल सफर होगा, लेकिन हम सभी साथ-साथ इसे पूरा करेंगे और हर चुनौती का मिल जुलकर सामना करेंगे।

इस मौके पर साल भर की सर्वश्रेष्ठ स्टोरीज को पुरस्कृत किया गया। मेरठ सिटी में कार्यरत रिपोर्टर अरुण चड्ढा को उनकी स्टोरी ‘चिड़ीमार विश्वविद्यालय’ के लिए, फीचर डेस्क की डिम्पल सिरोही को रविवाणी में प्रकाशित स्टोरी ‘आप भी हुए हैं इमोशनली चीट’ के लिए, बिजनौर ब्यूरो के संवाददाता गिरिराज सिंह को ‘कुत्तों के हवाले मानव अंग’ के लिए, बागपत ब्यूरो प्रमुख जयवीर सिंह तोमर को ‘हरियाणा का तेल कर रहा करोड़ों का खेल’ के लिए, मुजफ्फरनगर ब्यूरो में कार्यरत संवाददाता संजय झा को ‘बाबुल के देश में बिटिया हुई बेगानी’ के लिए, सहारनपुर ब्यूरो में कार्यरत संवाददाता राजीव उपाध्याय को ‘स्टोन क्रशर के पंजे में शाहजहां की विरासत’ के लिए पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा ले आउट के लिए सीनियर डिजाइनर देवेन्द्र सिंह और पूरी विज्ञापन टीम को पुरस्कृत किया गया।
इस मौके पर प्रादेशिक डेस्क प्रभारी विजय प्रकाश, देहरादून के ब्यूरो चीफ योगेश भट्ट, हरिद्वार के ब्यूरो प्रमुख नवीन पांडे, नई दिल्ली से विशेष संवाददाता सत्यजीत चौधरी, बागपत के ब्यूरो प्रमुख जयवीर सिंह तोमर, सहारनपुर के ब्यूरो प्रमुख वीरेंद्र आजम, मुजफ्फरनगर के ब्यूरो प्रमुख हर्ष कुमार, प्रसार प्रबंधक वीपी सिंह समेत जनवाणी की मेरठ यूनिट के संपादकीय, विज्ञापन, प्रसार एवं मशीन विभाग के समस्त साथी उपस्थित थे।





