: कानाफूसी : नईदुनिया और आलोक मेहता को लेकर कई चर्चाएं हैं. अभी हम चर्चाएं ही कहेंगे क्योंकि कहानी को पूरी तरह पुष्ट होने में अभी कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा. नईदुनिया के बिकने की खबर के बाद से आलोक मेहता के भविष्य को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि आलोक मेहता ने संभावित स्थितियों को देखते हुए तीन दिन पहले ही नईदुनिया के संपादक के पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि अभी उनके इस्तीफे की पुष्टि आधिकारिक तौर पर नहीं हो पाई है, पर माना जा रहा है कि उन्होंने नईदुनिया में बदलाव को देखते हुए खुद को अखबार से अलग कर लिया है.
खबर ये भी है कि विनय छजलानी के अखबार को टेकओवर करने की तैयारी में जुटे जागरण ग्रुप ने यह शर्त लगा दी है कि उसे नईदुनिया का दिल्ली एडिशन बंद करना होगा यानी दिल्ली एडिशन की बंदी नईदुनिया की खरीद की शर्तों में शामिल है. इसलिए ही आलोक मेहता ने खुद को अखबार से अलग कर लिया है. यहां पर कार्यरत लोगों का तबादला रायपुर करने की सूचनाएं भी आ रही हैं. बताया जा रहा है कि यहां पर कार्यरत लोगों को रायपुर जाने के लिए कह दिया गया है. दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि आलोक मेहता ने अपनी टीम के लोगों को धैर्य रखने को कहा है. उन्होंने अपनी टीम के सिपहसालारों को आश्वासन दिया है कि नईदुनिया के बिक जाने के बाद भी उन्हें बेरोजगार नहीं रहना पड़ेगा. इसलिए हड़बड़ी में कोई कदम नहीं उठाएं.
खबर है कि आलोक मेहता ने नईदुनिया की टीम को आश्वस्त किया है कि कांग्रेस का अखबार नवजीवन लांच होगा और पूरी तैयारी के साथ लांच होगा. सब लोगों को इस कांग्रेसी अखबार की टीम में शमिल कर लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि आलोक मेहता ही इस कांग्रेसी अखबार को लांच कराने की जिम्मेदारी उठाएंगे. वैसे भी यह सर्वविदित है कि कांग्रेस से उनके रिश्ते काफी घनिष्ट हैं. न्यूज चैनलों के कई कार्यक्रम में तो वो कांग्रेस के अघोषित प्रवक्ता के रूप में भी अपनी बात रखते नजर आ चुके हैं. इसलिए इस बात को भी बल मिल रहा है कि कांग्रेस आलोक मेहता के लिए नवजीवन को फिर से लांच कर सकती है.
इधर, खबर है कि 16 फरवरी यानी कल नईदुनिया के बोर्ड आफ डाइरेक्टर की मीटिंग होने जा रही है. कहा जा रहा है कि इसी महत्वपूर्ण मीटिंग में अखबार के भविष्य पर निर्णय लिया जाएगा. इसमें ही अखबार का बेचने या कोई और कदम उठाने के बारे में चर्चा की जाने वाली है. इस मीटिंग के बाद ही नईदुनिया को लेकर चल रही चर्चाएं, अफवाहों का दौर खतम होगा. खैर सभी की निगाह इस मीटिंग पर लगी हुई है, खासकर नईदुनिया में काम कर रहे कर्मचारियों की. उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि उनका भविष्य क्या होगा?





