समस्तीपुर से खबर है कि के राजद जिलाध्यक्ष व पूर्व मंत्री रामाश्रय सहनी ने ईटीवी चैनल के संवाददाता को पीटा तथा कैमरा छीनकर घंटों बंधक बनाए रखा. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने काफी प्रयास करके संवाददाता को उक्त दबंग पूर्व मंत्री के कैद से मुक्त कराया तथा कैमरा वापस दिलाया. पूर्व मंत्री रामाश्रय सहनी का काफी पुराना आपराधिक रिकार्ड है. उनका बड़ा पुत्र राजीव सहनी वाहन लूटेरा गिरोह का अंतर्राज्यीय सरगना है.
बीती मंगलवार की रात पूर्व मंत्री ने अपने बड़े भाई रामसागर सहनी के पुत्र खेदरी सहनी की जमकर पिटाई की और उसके वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया. इसकी सूचना मिलने पर ईटीवी के संवाददाता राहुल देव सोलंकी पूर्व मंत्री के कोर्वाध्हा गाँव पहुंचकर मामले की जानकारी लेनी चाही. उन्होंने विजुअल बनाने के बाइट के लिए मंत्री से सवाल पूछा. सवाल सुनते ही पूर्व मंत्री ने अपना आपा खो दिया और संवाददाता की पिटाई करने लगे, जिसमें उनके दो पुत्र और समर्थक भी शामिल हो गए. राहुल को पीटने के बाद बंधक बना लिया गया तथा उनका कैमरा छीन लिया गया. मंत्री और उनके लोगों ने राहुल को घंटों बंधक बनाए रखा.
इस बीच एसएमएस एवं फोन करके राहुल ने किसी तरह इसकी सूचना अपने वरिष्ठों तथा सहयोगियों को दी. बताया जा रहा है कि ब्यूरोचीफ कुमार प्रबोध को भी इसकी सूचना मिली. उन्होंने इसकी जानकारी एसपी और डीएम को दी. राहुल के स्थानीय साथी पत्रकार भी सक्रिय हुए इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई. मुफस्सिल थाने की पुलिस दलबल के साथ पूर्व मंत्री के गांव पहुंचकर जद्दोजहद के बाद संवाददाता को मुक्त कराया तथा उसका कैमरा वापस दिलवाया. संवाददाता के बयान पर मुफस्सिल थाने में पूर्व मंत्री, उनके दो पुत्र और पांच समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
इस मामले की श्रमजीवी पत्रकार यूनियन एवं मामले ने निंदा की है तथा दोषी पूर्व मंत्री पर कार्रवाई की मांग की है. इस घटना के चलते समस्तीपुर के मीडियाकर्मियों में आक्रोश व्याप्त है. मौर्य टीवी के मुकेश कुमार, यूएनआई के कृष्ण कुमार, ताजा टीवी के संजीव, महुआ के रजनीश ने पूर्व मंत्री के गिरफ्तारी की मांग की है तथा इसे लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला बताया है. पत्रकारों ने कहा है कि सुशासन बाबू के जमाने में इस तरह की घटना लालू यादव के जमाने की याद दिला रही है.





