: एनबीए ने लिखा पीएम को पत्र : मीडिया के मामले में प्रेस परिषद के अध्यक्ष मारकण्डेय काटजू के बयान पर तमाम मीडिया संगठन अपनी आपत्ति तो दर्ज करा ही रहे हैं, प्रेस परिषद के पूर्व अध्यक्ष जीएन रे ने भी काटजू के बयानों पर अपनी असहमति जताई है. लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में जीएन रे ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में मीडिया की भूमिक अत्यंत महत्वपूर्ण रही है. इसलिए इस बात से सहमत नहीं हुआ जा सकता है कि मीडिया को नियंत्रित करने की जरूरत है.
लखनऊ में गुरुवार को गोमती नगर स्थित हिंदी मीडिया सेंटर में आयोजित कार्यक्रम 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता : माध्यम और खतरे' को संबोधित करते हुए जस्टिस रे ने कहा कि मीडिया में लगतार बढ़ता निगमीकरण एक खतरनाक संकेत है, मीडिया घरानों तथा कारपोरेट घरानों के बीच बढ़ती दुरभि संधि की भी आलोचना हो रही है, फिर भी हम मीडिया को नियंत्रित किए जाने या उसपर सेंसरशिप लागू किए जाने के पक्षधर नहीं हैं. पर मीडिया को जवाबदेह और जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए.
दूसरी तरफ एडिटर्स गिल्ड और बीईए के बाद पत्रकारों के संगठन एनबीए ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिख कर भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू के उन बयानों पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है. एनबीए ने कहा कि भारतीय मीडिया बेहतर काम कर रही है और प्रेस परिषद के अध्यक्ष का बयान आपत्तिजनक है. गौरतलब है कि जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने मीडिया पर आरोप लगाया था कि मीडिया सनसनी फैलाने की कोशिश में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है.





