चुनाव के दौरान आगरा के केबल टीवी वालों ने खुली लूट प्रारंभ कर दी हैं. इसके लिए वह लाखों का विज्ञापन प्रत्याशियों से डकार गए हैं. हालात यह हैं कि जो प्रत्याशी दाम नहीं दे रहा हैं केबल वाले उसे दिखा नहीं रहे हैं और एंटी खबर चला रहे हैं. गौरतलब हैं कि सिर्फ एक शहर में समाचार दिखाना केबल वालों के लिए प्रतिबंधित है, लेकिन इसके बाबजूद इन चैनल वालों पर आगरा में कोई कार्रवाई नहीं हो रही हैं जबकि दूसरी और इलाहाबाद में चुनाव तक कई केबल नेटवर्क बंद करा दिए गए हैं।
पर आगरा में केबल वाले अपनी गुंडागर्दी के बलबूते लाखों रुपया कमा रहे हैं और चुनाव आयोग भी हाथ पर हाथ धरे बैठा है. सबसे बड़ी बात यह हैं कि यह खुली लूट कांग्रेस के प्रत्याशियों से भी की जा रही हैं जबकि केन्द्र के सूचना व प्रसारण मंत्रालय के अधीन ही केबल टीवी नेटवर्क आता हैं.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





