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अंजना कश्यप और स्मिता शर्मा की एंकरिंग के मुरीद हैं अजीत अंजुम

न्यूज24 के बॉस अजीत अंजुम अपनी पसंद और नापसंद फटाफट जगजाहिर करने के लिए जाने जाते हैं. पिछले दिनों उन्होंने फेसबुक पर लिखकर दीपक चौरसिया की रिपोर्टिंग व मेहनत की जमकर तारीफ की तो अब उन्होंने हाल के दिनों के महिला एंकरों में दो का नाम लेकर उनकी भरपूर सराहना की है. कमियां गिनाने और गरियाते रहने के इस दौर में सच्ची और अच्छी बातें साफ साफ कहना सुनना अच्छा लगता है. संभव है, इससे भी कई लोगों को दिक्कत पेश आए, लेकिन अगर अजीत अंजुम अपनी निजी राय जाहिर कर रहे हैं तो वे आप पर अपनी पसंद कतई नहीं थोप रहे. आपको अपनी धारणा बनाने और बताने का पूरा हक है. यह सब अजीत अंजुम के लिखे पर कमेंट के रूप में दिख भी रहा है. पढ़ें, पूरी बहस. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

न्यूज24 के बॉस अजीत अंजुम अपनी पसंद और नापसंद फटाफट जगजाहिर करने के लिए जाने जाते हैं. पिछले दिनों उन्होंने फेसबुक पर लिखकर दीपक चौरसिया की रिपोर्टिंग व मेहनत की जमकर तारीफ की तो अब उन्होंने हाल के दिनों के महिला एंकरों में दो का नाम लेकर उनकी भरपूर सराहना की है. कमियां गिनाने और गरियाते रहने के इस दौर में सच्ची और अच्छी बातें साफ साफ कहना सुनना अच्छा लगता है. संभव है, इससे भी कई लोगों को दिक्कत पेश आए, लेकिन अगर अजीत अंजुम अपनी निजी राय जाहिर कर रहे हैं तो वे आप पर अपनी पसंद कतई नहीं थोप रहे. आपको अपनी धारणा बनाने और बताने का पूरा हक है. यह सब अजीत अंजुम के लिखे पर कमेंट के रूप में दिख भी रहा है. पढ़ें, पूरी बहस. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

Ajit Anjum : हाल के वर्षों में हिन्दी मीडिया में किसी दो Female Anchor ने अपनी पहचान, धमक और साख बनाई है तो वो हैं अंजना कश्यप और स्मिता शर्मा….स्क्रीन प्रेजेंस से लेकर आत्मविश्वास तक …मुद्दों की समझ से लेकर तेवर तक ….बाकी महिला एंकर्स से अंजना अलग दिखती है …कई सालों तक अंजना ने न्यूज 24 में काम किया है और अब स्टार न्यूज में है …..आईबीएन -7 की स्मिता शर्मा भी एक एंकर और रिपोर्टर के तौर पर मीडिया की BEST TALENT में शामिल है . राजनीतिक समझदारी के स्तर पर स्मिता जैसी लड़किया हिन्दी टीवी मीडिया में बहुत कम हैं….बहुत कम …

        Puneet Shukla वो सब तो ठीक है सर लेकिन इस तरह से सार्वजनिक रूप से दूसरों की प्रंशसा सिर्फ आप ही करते है
         
        Ambrish Kumar राजनीतिक समझदारी के स्तर पर स्मिता जैसी लड़किया हिन्दी टीवी मीडिया में बहुत कम हैं….बहुत कम …, यह टिपण्णी बहुत महत्वपूर्ण है वैसे तो विनोद दुआ का कार्यक्रम ज्यादा भाता है उसके बाद रवीश कुमार वजह शायद तह भी है कि एनडीटीवी ज्यादा देखता हूँ खैर आपने प्रतिभा का जिक्र किया है आप मुरीद हुए है तो हम लोग भी देखना चाहेंगे .वैसे इतनी प्रतिभाशाली एंकर को आपक चश्मे से हम भी बधाई देते है .
         
        Ajit Anjum अंबरीश जी , मैंने खास तौर से कहा महिला एंकर्स …..
         
        Ambrish Kumar माफ़ी चाहते है अजित जी हम बिना भेदभाव के टिपण्णी कर बैठे ,पर बधाई बरक़रार है
         
        Renuu Pandey They both deserve it
         
        Ajit Anjum स्मिता को मैंने कई बार आईबीएन -7 पर देखा -सुना है . मुद्दा की एंकरिंग से लेकर फिल्ड रिपोर्टिंग तक …मैंने उन्हें पाकिस्तान और मालदीव से भी रिपोर्टिंग करते देखा है …यकीनन स्मिता एक बेहतरीन रिपोर्टर हैं . मुद्दों की समझ उन्हें है . पहले मैंने उन्हें लेफ्ट कवर करने वाली एक रिपोर्टर के तौर पर आईबीएन पर देखा था ..लेकिन बाद में मैंने दर्जनों बार उनका चैट सुना तो लगा इतनी समझदार लड़कियां कम से कम टीवी मीडिया में तो बहुत कम हैं …ये मेरी राय है ..
         
        Ambrish Kumar प्रिंट की तरफ भी एक नजर डाल दीजिए तो हम लोग भी धन्य हो जाए
         
        Pankaj Shukla हां। सवाल ये भी है कि जो बेहतरीन है वो आप जैसे बेहतरीन के साथ क्यूं नहीं है ?
         
        Arun Sathi aapne sach kah kah diya…sawdhan rahiyega…
         
        Anand Dutta ‎100 % sahi kaha sir aapne. banki anchor ki tarah baalon aur hotho ki reporting me km time deti hain, hum darshakon ki jarurat pe jyda dhyan deti hain…..
        
        Ajit Anjum अंबरीश जी , मैं जनसत्ता का नियमित पाठक हूं और आपकी खबरों का भी ….आपकी खबर सबसे पहले देखता हूं फिर बाकी खबरें …मैंने पहले भी लिखा है यूपी की समझदारी विकसित करने में आपकी रिपोर्ट मेरी मदद करती है ….
         
        Dinesh Mansera nidhi kulpati ke bare mei kya khyaal hai..?
         
        Sanjay Mishra Jhinku Pandit bahut hi sahi baat kahi hai aapne
         
        Sahil Khan SMITA SHARMA EK GAMVEER AUR BEAWAAK REPOTAR HAI.
         
        Ambrish Kumar बहुत बहुत आभार, मै भी उन एंकर जिनका आपने जिक्र किया है उन्हें उनके चैनल पर देखने का प्रयास कर रहा हूँ पर जब आपने कुछ लिखा है तो जाहिर है उनकी खबरों और खबर पढने के तौर तरीको का आकलन करके ही लिखा होगा .
         
        Deepak Singh हिंदी एंकर्स में दूरदर्शन की नीलम शर्मा का कोई सानी नहीं.. चैट शोज़ में उनकी निष्पक्ष प्रस्तुति गज़ब होती है.. प्राइवेट न्यूज़ चैनल्स पर जिस तरह से कई बार एंकर्स अतिथियों की डपट और खीज खा लेते हैं, वहीँ उनकी संयम भरी वाक् कुशलता और मुद्दे पर हमेशा बंधा रहना उनके समाचार वाचन और समाचार प्रस्तुति को निखार कर निकलता है.. किसी भी एंकर की विजय तब होती है जब वो हर समाचार को उसकी जड़ से जनता हो… और इसमें महारत हांसिल है नीलम शर्मा को और हाँ.. स्मिता भी इस मामले में चौवन्न ही नज़र आती हैं.. उनकी विषय की गंभीरता को साधारणता के साथ आकर्षक रूप में प्रस्तुत करना, बहुत अच्छी खूबी है उनकी…
        
        Mohd Javed ‎100 fisad sahi….!!!1
         
        Amitaabh Srivastava स्मिता ने अपनी पत्रकारीय प्रतिभा के बूते पर जाने अनजाने एक बड़ा काम ये भी किया है कि न्यूज़ एँकरिंग को ग्लैमर से अलग एक बौद्धिक कर्म की तरह स्थापित किया है। हालांकि ये हिंदी समाचार चैनलों में महिला एंकर्स की स्थिति र उनके मूल्यांकन के संदर्भ में कोई टर्निंग प्वाइंट तो शायद ही बन पाये लेकिन फिर भी स्मिता उन तमाम नयी लड़कियों की रोल मॉडल हो सकती हैं जो ग्लैमर के बजाय टैलेंट और समझदारी के बूते पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जगह बनाना चाहती हैं। एक बात और- स्मिता को मौका देने और उनमें भरोसा जताने के लिए आईबीएन-7 के संपादक महोदय भी बधाई के पात्र हैं।
         
        Ajit Anjum अमिताभ जी , आपसे सौ फीसदी सहमत …बहुत सी महिला एंकर्स जितना वक्त न्यूज रूम में खबरों की बारीकी समझने या फिर लिखने – पढ़ने में बिताती हैं , उससे कहीं ज्यादा मेकअप रूम में…जाहिर है इसके लिए सिर्फ सिस्टम को जिम्मेदार नहीं है …इसी सिस्टम से निकलकर कोई स्मिता शर्मा बनती है तो कोई टीपी पढ़ने वाली न्यूज रीडर….
         
        Akash Sharma sir anjana ji ke tez tarrar anchoring bhi achchi hai aur smita sharma ji ki anchoring me teji nahi dikhti
         
        Raahul Goel me anjana kashyap se zyada smita ji ki anchoring ka kayal hun wajah ye hai ki unki anchoring mein baudhikta zyada dikhayi deti hai aur aisa lagta hai ki wo apni screens presence se zyada content ko lekar chintit ho..anjana ji bhi thik thak nibhati hai lekin smita sharma content ki aur mahila anchors se kahi zyada samajh rakhti hai..aur jahan tak baat baki mahila anchors ki hai to zyada tar to buletin se pahle ek baar run par nazar daudana bhi zaruri nahi samajhti..khabron ko aise padti hai jaise home shp 18 par saadi ya phir laptop ko style me bech rahi hon
         
        Saleem Saifi Rana Yashwant ke Anchor Sarfaraz Saifi ke baare mein kya khayal hai.
         
        Lalitendra Bhartiya i totally agree ajit sir
         
        Rajender Kumar Sharma No doubt, Smita stands out.. Abhi Pakistan se unka live chat dekha tha.. Clear thoughts, indepth knowledge of the subject.. Outstanding…
         
        Ajit Anjum मेरे इस स्टेटस के बाद कुछ साथियों ने और कुछ एंकर्स ने मुझे फोन करके मेरी बातों से असहमति जताते हुए कहा कि बहुत से ऐसे एंकर्स हैं , जिन्हें मौका नहीं मिला . मौका मिलने पर कोई भी अंजना कश्यप या स्मिता शर्मा बन सकता है , ऐसी भी राय तीन- चार लोगों की थी . मैं इस तर्क से सहमत नहीं हूं . मैं मानता हूं कि मौका मिलना बहुत मायने रखता है लेकिन मैं ये भी मानता हूं कि सिर्फ मौका मिलने से हर कोई इनकी तरह हो जाए जरूरी नहीं . कई महिला एंकर्स हैं जो स्मिता से काफी पहले से किसी न किसी चैनल पर एंकरिंग कर रही हैं लेकिन उनमें समझ के स्तर पर कमी दिखती है . कईयों का पूरा फोकस अफने लुक, हेयर स्टाइल और ड्रेस पर होता है . इसलिए जब आप ये कहते हैं कि मौका मिलने पर कोई भी महिला एंकर या रिपोर्टर स्मिता शर्मा हो सकती है तो मैं उससे इत्तेफाक नहीं रखता ….मैंने पिछले दस सालों में कई लड़कियों को मौका मिलते और मौका गंवाते देखा है . कईयों को सिर्फ प्राइम टाइम एंकरिंग या कहें तो टीपी रीडर बनने के लिए जद्दोजहद करते देखा है . कुछ महिला एंकर ऐसी भी हैं जो 2007 में भी वैसी ही एंकरिंग कर रहीं थी , 2012 में भी वैसी ही कर रही हैं . मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता लेकिन राष्ट्रीय – अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समझदारी के मामले में स्मिता शर्मा अपने समकालीन एंकर्स पर भारी पड़ती दिखती हैं …और हां , मैं सिर्फ हिन्दी मीडिया की महिला एंकर की बात कर रहा हूं ….
         
        Rajender Kumar Sharma ‎@Deepak Singh – Deepka jee Neelum ko iss sandarbh men pathbreaker kaha jaa sakta hey.. Maine uske safar ko behad karib se dekha hey.. Visay kee gambhirata, aur sandarbh ko woh itni hee gehrayi se schook ke dinon men bhee samajha karati thee.. Uss waqt kavitayen likha karti thee Neelum.. Gambhir muddon par gehari soch wali kavitayen hoti thee woh..
         
        Vikas Sharma सर अंजना कश्यप को पहचान भी तो न्यूज़ 24 से ही मिली और फिर उनका presentation भी बढ़िया रहा . सर मुझे

        याद है जब न्यूज़ २४ के सुरु होने से पहले हम सब लोगो की मीटिंग हुई थी में झाँसी से गया था उस समय बड़ा ही जोस था

        कियूकी BAG में ४ साल रहने के बाद न्यूज़ 24 सुरु हो रहा था. इस में आप का बड़ा योगदान है ..
 
        Ajit Anjum आज सुबह से यही दोनों एंकर अपने – अपने चैनल पर दिख रही हैं ….स्टार पर अंजना कश्यप और आईबीएन -7 पर स्मिता शर्मा…
 
        Ambrish Kumar अजित जी ,आपके लिखने के बाद कई बार इस चैनल पर गए खोजने पर हर बार दिल विल ,सास बहू टाइप कार्यक्रम ज्यादा मिले खैर फिर देखताहूँ
   
        Arun Sathi स्वेता शर्मा को हमलोग अपने यहां घोघा बाली रिर्पोटर कें नाम से जानते है, जानते है ऐसा क्यो?

        अन्ना के आंदोलन में स्वेता शर्मा ने सर पर आंचल ओढ़ कर रिर्पोटिंग कर रही थी और तब से इस ग्रामीण क्षेत्र में मैं और मेरे कई साथियो ंके बीच उनका यही नाम फेमश हो गया है। अंजना कश्यप के आवाज की खनक और समझ उनको सबसे अलग करता है। हम सभी उनके इस अंदाज के कायल है और आपने हम सबकी सोंच को पुख्ता किया है।
 
        Shishir Choubey its very true ….anjana jee kaa tevar kaafi dhaardaar ho gaya hai ………….
 
        Ajit Anjum अंबरीश जी , मैं तो सुबह से सारे टीवी चैनल देख रहा हूं . स्टार न्यूज भी उसमें शामिल है . आज तो लगातार बीएमसी और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय के चुनावी नतीजों की खबरें ही चल रही हैं..
   
        Ambrish Kumar नाम तो नहीं सुन पाया पर स्टार पर जिन मोहतरमा को थोडा गुस्से में सुना उनकी रजनैतिक समझ ठीक है और भाषा भी .पर इतना गुस्सा ठीक नहीं रवीश कुमार की सहजता अच्छी लगती है .पर आप सही कह रहे है
    
        Ambrish Kumar सर यह एक दर्शक के रूप में मेरी प्रतिक्रिया है ,अभी दूसरी मोहतरमा को भी सुना आईबीएन पर ,एनडीटीवी की दो महिला एंकर भी काफी अच्छी तरह ख़बरें पढ़ती है आपको उनपर भी गौर करना चाहिए
     
        Ajit Anjum अंबरीश जी , यहां तो सबकी अपनी अपनी पसंद होती है . मैंने अपनी राय अपनी पसंद के संदर्भ में दी थी . किसी को अर्णब पसंद है , किसी को विक्रम चंद्रा भी पसंद होगा …मुझे अर्णब बेहद पसंद हैं …..हो सकता है बहुतों को राजदीप उनसे बेहतर लगते हों….सबका अपना अंदाज ए बयां और हर दर्शक की अपनी राय ….इसे निजी राय के तौर पर ही देखा जाना चाहिए …
      
        Ambrish Kumar ठीक सर ,वैसे आप भी काफी ढंग से खबर लेते है ,मै देने की बात नहीं कर रहा हूँ

साभार : फेसबुक

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