आज दैनिक जागरण के राजधानी संस्करण में पेज सात पर लीड खबर में अनाथालय मामले में "वालिया ने लिखा पुलिस आयुक्त को पत्र" खबर में दिल्ली के स्वास्थ्य व शहरी विकास मंत्री एके वालिया की तस्वीर छाप दी गई है, जबकि बयान महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री प्रो. किरण वालिया का है। लोगों का कहना है कि जागरण के नोएडा और दिल्ली कार्यालय में बडे़ ही विद्वान लोग बैठे हैं, लेकिन मुझे तो लगता है वहां सिर्फ चापलूस लोग हैं, जो मालिकों की चापलूसी करके वहां काबिज हो गए हैं, जिन्हें ये तक नहीं मालूम की दिल्ली के स्वास्थ्य व शहरी विकास मंत्री एके वालिया कौन हैं? काटजू साहब ने अगर कुछ कहा था तो सोच समझ कर ही कहा था.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





