: कानाफूसी : चिटफंड कंपनी द्वारा संचालित सीएनईबी न्यूज चैनल के चैनल हेड रजनीश के बारे में खबर है कि उन्हें प्रमोशन देकर एडिटर इन चीफ और सीईओ बना दिया गया है. उन्हें यह पदवी तीन फरवरी से दी गई है. इस बाबत नोटिस भी सीएनईबी आफिस के अंदर चस्पा कर दिया गया है. लेकिन चैनल में काम करने वाले बाकी कर्मचारी दुखी हैं. उन्हें कहा गया था कि उन्हें प्रमोशन फरवरी में दिया जाएगा लेकिन अभी तक किसी का कुछ नहीं हुआ. इनक्रीमेंट के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है कि कब मिलेगा और कितना मिलेगा.
चैनल में स्टाफ कम होने के कारण लोग जी तोड़ मेहनत करके रुटीन का कामकाज निपटा रहे हैं. आउटपुट पर तो गिने चुने लोग बचे हैं. लोगों पर बेहतर काम करने के लिए खूब दबाव बनाया जा रहा है लेकिन प्रमोशन व इनक्रीमेंट को लेकर कोई चर्चा नहीं है. चैनल हेड के प्रमोशन से वैसे तो बाकी कर्मियों को खुश होना चाहिए लेकिन जब सिर्फ चैनल हेड का प्रमोशन हो और बाकी लोगों के बारे में कोई बात न हो तो आखिर कैसे यहां का इंप्लाई खुश हो सकता है.
चर्चा ये भी है कि अनुरंजन झा के बाद चैनल हेड के रूप में आए रजनीश चैनल की टीआरपी बिलकुल नहीं बढ़ा पाए. चीजें पहले से ज्यादा खराब हो गई हैं. तब भी उन्हें प्रमोट कर दिया गया. रजनीश को एक नया शौक चढ़ गया. शौक है चैनल में एंकर्स भर्ती करने का. या शायद वो एंकर्स की तादाद चैनल में बढ़ाने का कोई नया रिकॉर्ड बनाने के मूड में हैं. एंकर्स की तादाद आम तौर पर 6 से 10 के ज़्यादा नहीं होती, लेकिन अब सीएनईबी में एंकरों की फौज है. देव, रोशन, गौरव, रिज़्वी, दिव्यांशू, अमितांशू, गुरप्रीत, जूही, ज्योति, बुश्रा, रिमझिम, ईशा, अंकिता. यानी कुल मिलाकर 13. अभी दो और एंकर्स जल्दी ही चैनल ज्वाइन करने वाले हैं.
वैसे कितने भी लोगों का पेट चैनल के जरिये पले, किसी को भला क्या तकलीफ हो सकती है. लेकिन हैरत की बात ये है कि चैनल की आउटपुट टीम में एक के बाद एक लोगों के छोड़ कर जाने के बाद अब हालत इतनी खराब हो गई है कि शाम की प्राइम टाइम शिफ्ट में खुद आउटपुट हैड और शिफ्ट इंचार्ज पैकेज लिख लिख कर थक जाते हैं. आलम ये है कि एक जनाब की शादी है. फरवरी के दूसरे सप्ताह में. उन्हें 4 दिन की छुट्टी से संतोष करने को कहा गया है. अगर एक भी शख्स बीमार हो जाता है तो बाकी लोग साप्ताहिक अवकाश नहीं ले सकते हैं. बेहद मानसिक तनाव और दबाव में काम कर रहे हैं लोग. मगर जनाब तो एंकर्स बढ़ाने में लगे हैं. अपना रैंक बढ़ाने में लगे हैं. ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे.
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