इस बीत रहे वित्तीय वर्ष में सारे बड़े अखबारों का रेवेन्यू कलेक्शन नीचे गिरा है. बिजनेस कम होने से प्रबंधन अब छंटनी व खर्चे में कटौती की अन्य योजनाएं प्लान कर रहा है ताकि बिजनेस में गिरवाट की भरपाई अगले वित्तीय वर्ष में की जा सके. सूत्रों के मुताबिक इसकी शुरुआत भी कई मीडिया हाउसेज ने कर दी है. इंडिया टुडे मैग्जीन और इसी ग्रुप के अखबार का मार्केटिंग डिवीजन एक कर दिया गया है. पहले दोनों के लिए मार्केटिंग के दो अलग अलग डिवीजन थे.
जाहिर है, मार्केटिंग की टीम एक कर दिए जाने से कई लोगों की नौकरी चली गई. मेल्कम मिस्त्री के जाने के बाद मनोज शर्मा को प्रमोट कर मार्केटिंग का सारा काम सौंप दिया गया. आजतक व अन्य चैनलों की मार्केटिंग टीम पर भी काफी दबाव है. उथलपुथल का माहौल है. जनरल मैनेजर नार्थ रिंकू पाल के इस्तीफे की सूचना है. ये सोलह सालों से संस्थान के साथ थीं. कई और लोगों के इस्तीफे हो सकते हैं. मार्केटिंग टीम को शक है कि पता नहीं उन लोगों की सेलरी में इनक्रीमेंट भी होगा या नहीं.





