गुवाहाटी। असम ट्रिब्यून कर्मचारी संघ ने देश के सभी अखबार समूहों के प्रबंधकों से पत्रकारों और गैर पत्रकार कर्मचारियों को अपनी जिविका चलाने के लिए एक न्यूनतम वेतनमान का निर्धारण करने के लिए गठित मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की अपील की है। साथ ही सिफारिशों को लागू न करने वाले समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग सरकार से की है।
संघ के अध्यक्ष साइफुद्दीन अहमद तथा सचिव दुग्धराम कलिता ने आज यहां गुवाहाटी प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मीडिया समूहों से उनकी अपील होगी कि पत्रकारिता की बेहतरी के लिए मजीठिया आयोग की सिफारिशों को लागू करे। उन्होंने कहा कि आयोग की सिफारिशें प्रबंधनों की सेहत को देखते हुए किया गया है और इसे लागू करने के बाद किसी भी समूह की आर्थिक स्थिति चरमरा जाएगी ऐसा नहीं है। क्योंकि आर्थिक स्थिति के अनुसार समूहों को बांट कर सिफारिशें की गई है।
आयोग की सिफारिशों को सभी मीडिया घरानों में लागू करवाने के लिए निकट भविष्य में एक संयुक्त मंच के गठन की घोषणा करते हुए श्री अहमद ने कहा कि सिफारिशों को लागू न करने वाले समूहों पर राज्य सरकार को दबाव बनाना चाहिए और यह दबाव विज्ञापनों पर पाबंदी लगाने या फिर कई अन्य कई प्रावधानों का जिक्र आयोग की सिफारिशों में किया गया है, जिससे सरकार ठोस कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा कि मजीठिया आयोग की सिफारिशों को लागू न करने वाले समूहों के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए पत्रकार और गैर पत्रकारों को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा।
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद गुवाहाटी प्रेस क्लब के सचिव नव ठाकुरिया ने पत्रकारों की बेहतरी के लिए उठाए गए हर कदम में संघ को प्रेस क्लब की ओर से पूरी मदद देने का भरोसा दिया। मालूम हो कि असम ट्रिब्यून समूह मजीठिया आयोग की सिफारिशें लागू करने वाला देश का पहला समूह है। समूह में कुल 422 पत्रकार और गैर पत्रकार कर्मचारी हैं और समूह में न्यूनतम वेतन 27 हजार है जो एक बैंडिग कर्मचारी का है।
गुवाहाटी से नीरज झा की रिपोर्ट.






