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हिंदुस्‍तान से फर्जी प्रकाशन मामले में पूछताछ खतम, अब जागरण भी आ सकता है मुश्किलों में

मुंगेर। दैनिक हिन्दुस्तान प्रकाशन समूह की अध्यक्ष व देश की जानी-मानी कारपोरेट हस्ती शोभना भरतीया, प्रकाशक अमित चोपड़ा, प्रधान संपादक शशि शेखर, पटना के कार्यकारी संपादक अकु श्रीवास्तव और भागलपुर के पूर्व स्थानीय संपादक बिनोद बंधु के विरूद्ध मुंगेर (बिहार) कोतवाली थाना में जालसाजी, धोखाधड़ी और दो सौ करोड़ के विज्ञापन घोटाले की प्राथमिकी, जिसका कोतवाली केस नं0-445।2011 है, में किसी भी क्षण पुलिस अधीक्षक, मुंगेर पी0 कन्नन अपनी पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी कर सकते हैं। पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी होने के बाद ही पुलिस जांचकर्ता न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल कर सकेंगें और नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में गिरफ्तारी के वारंट को प्राप्त करने की विधिवत कानूनी कार्रवाई कर सकेंगे।

मुंगेर। दैनिक हिन्दुस्तान प्रकाशन समूह की अध्यक्ष व देश की जानी-मानी कारपोरेट हस्ती शोभना भरतीया, प्रकाशक अमित चोपड़ा, प्रधान संपादक शशि शेखर, पटना के कार्यकारी संपादक अकु श्रीवास्तव और भागलपुर के पूर्व स्थानीय संपादक बिनोद बंधु के विरूद्ध मुंगेर (बिहार) कोतवाली थाना में जालसाजी, धोखाधड़ी और दो सौ करोड़ के विज्ञापन घोटाले की प्राथमिकी, जिसका कोतवाली केस नं0-445।2011 है, में किसी भी क्षण पुलिस अधीक्षक, मुंगेर पी0 कन्नन अपनी पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी कर सकते हैं। पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी होने के बाद ही पुलिस जांचकर्ता न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल कर सकेंगें और नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में गिरफ्तारी के वारंट को प्राप्त करने की विधिवत कानूनी कार्रवाई कर सकेंगे।

पुलिस अधीक्षक द्वारा किसी भी क्षण पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी होने की संभावना इसलिए व्यक्त की जा रही है क्योंकि अभियुक्त शोभना भरतीया और संपादक की ओर से वरीय अधिवक्तागण और संपादकगण पुलिस अधीक्षक के समक्ष मुकदमे में बहस पूरा कर चुके हैं और अपने को निर्दोष होने का दावा कर चुके हैं। जबकि दूसरी ओर इस सनसनीखेज मुकदमे में सूचनादाता मन्टू शर्मा की ओर से वरीय अधिवक्ता काशी प्रसाद भी पुलिस अधीक्षक के समक्ष बहस पूरा कर चुके हैं और अभिलेखों के आधार पर सभी नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध जल्द से जल्द आरोप पत्र समर्पित करने और शोभना भरतीया सहित अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू करने की प्रार्थना कर चुके हैं।

इस बीच, इस सनसनीखेज फर्जीवाड़ा कांड के पुलिस जांच अधिकारी अमरजीत झा दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर और भागलपुर कार्यालयों में जाकर अखबार के प्रमुख प्रबंधक और संपादकीय प्रभारी से मुकदमे के सिलसिले में पूछताछ पूरा कर चुके हैं। पुलिस अनुसंधानकर्ता अखबार के प्रबंधन और संपादकीय प्रमुख का बयान भी दर्ज कर चुके हैं। अखबार प्रबंधन और संपादकीय प्रमुख के बयान चौंकाने वाले हैं, जो अखबार के फर्जीवाड़ा की परतों को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। फिलहाल, जांच अधिकारी ने पत्रकारों को पूछताछ और बयान के बारे में कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया है यह कहते हुए कि यह हाई प्रोफाइल मुकदमा है।

पुलिस अधीक्षक की पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी होने के बाद देश के इस सबसे बड़े मीडिया के लगभग दो सौ करोड़ के विज्ञापन फर्जीवाड़ा से पर्दा उठ सकेगा और देश और विदेश की जनता जान सकेगी कि नित्य दूसरों के भ्रष्टाचार और घोटालों की सनसनीखेज खबरों को छापनेवाला अखबार का प्रबंधन और संपादक खुद किस प्रकार जालसाजी और धोखाधड़ी का सहारा लेकर विज्ञापन मद में अरबों-अरब रुपए का घोटाला कर रहा है। पूरी दुनिया जान सकेगी कि दैनिक हिन्दुस्तान अखबार बिना निबंधन का मुद्रित और प्रकाशित होकर किस प्रकार सरकारी पदाधिकारियों से मिलीभगत कर सरकारी विज्ञापन दस से अधिक वर्षों तक किस प्रकार प्राप्त करता रहा और प्रकाशित करता रहा और अरबों रुपयों की अवैध कमाई की।

जांच के बाद संभावना है कि सारी बात सामने आ जाएगी कि हिन्दुस्तान के बड़े-बड़े मीडिया हाउस किस प्रकार बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और दिल्ली राज्यों में भी अवैध ढंग से जिला-जिला के लिए अलग से पूरे बदले हुए समाचार के साथ फर्जी संस्करण का प्रकाशन कर रहे हैं। दैनिक अखबारों के इस फर्जीवाड़ा में केवल हिन्दुस्तान ही अग्रणी नहीं है, वरन देश के अन्य जाने माने अखबार जैसे दैनिक जागरण, प्रभात खबर, दैनिक आज, दैनिक भास्‍कर भी फर्जीवाड़ा में शामिल हैं। एसपी की रिपोर्ट आने के बाद हिंदुस्‍तान समेत अन्य दैनिक अखबारों के जिलों-जिलों से अवैध प्रकाशन और सरकारी विज्ञापन के फर्जीवाड़ा में बिहार सरकार की ओर से उच्च स्तरीय जांच का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि दैनिक जागरण के भागलपुर से अवैध प्रकाशन और सरकारी विज्ञापन प्राप्त करने के फर्जीवाड़ा से जुड़ा विस्तृत अभिलेख साक्ष्य के साथ बिहार के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के पास आर्थिक अपराध कोषांग में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए जमालपुर के स्वतंत्र पत्रकार कंचन शर्मा की ओर से भेजा जा चुका है। सरकारी सूत्र बताते हैं कि बिहार सरकार दैनिक जागरण के अवैध प्रकाशन और विज्ञापन फर्जीवाड़ा मामले में प्रेस निबंधक के पत्र और भागलपुर के जिलाधिकारी के पत्र के आलोक में अभिलेखों और साक्ष्यों की जांच कर रहा है।

मुंगेर से श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट. इनसे संपर्क  मोबाइल नं. 09470400813 के जरिए किया जा सकता है.

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