: पार्टी परेशान कि कौन कसेगा इस माफिया पर नकेल : विधानसभा चुनाव के लोक उत्सव में आखिरकार बैलेट पर बुलेट हावी हो ही गया। चुनाव आयोग की लाख कोशिश के बावजूद पूर्वांचल के चर्चित माफिया अतीक अहमद की हनक वोटरों पर दिखी। प्रशासन को कानोंकान खबर न हुई। अतीक आठ लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ गुर्गों समेत नवाबगंज थाने के गेट के सामने से होता हुआ थाने से दो किमी और आनापुर पुलिस चौकी से एक किमी दूर बेरावां गांव में अपना दरबार लगवाया। यहां करीब आधे घंटे रूकने के बाद एक मुस्लिम पूर्व प्रधान समेत तीन लोगों को अर्दब देकर अंसार अहमद के लिए वोट करने का दबाव बनाया।
समाज के दलित, उपेक्षित व शोषित तबके के लिए राजनीति करने का दावा करने वाले अपना दल ने करीब डेढ़ साल पहले चर्चित माफिया अतीक अहमद को राष्ट्रीय महासचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। उस समय अतीक जेल की सलाखों के भीतर थे। इसी बीच एक अन्य माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी के प्रति भी अपना दल का मोह बढ़ा। यह सब अपनादल के संस्थापक सोनेलाल पटेल के निधन और अनुप्रिया पटेल व कृष्णा पटेल की दल में दखलंदाजी के बाद हुआ। बहरहाल, अतीक अहमद ने इस बार के विधानसभा चुनाव में जबर्दस्त ‘खेल‘ कर डाला। ऐन मौके पर इन्होंने असली रंग दिखाकर अपनी पार्टी के ही साथ जबर्दस्त विश्वासघात किया। इससे दल के नेता हतप्रभ तो हैं पर अंदरखाने में यह चल रहा है कि आखिरकार अतीक अहमद पर नकेल कौन डाले।
इलाहाबाद की फाफामऊ विधानसभा क्षेत्र से अपनादल के प्रत्याशी रहे नदीम का साथ न देकर अतीक अहमद न सिर्फ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अंसार अहमद के पाले में चले गए बल्कि उनको खुलेआम समर्थन भी दे दिया। पांच दिन पहले जेल से बाहर आए अतीक अहमद ने सपा प्रत्याशी अंसार अहमद के पक्ष में धड़ाधड़ कई बैठकें कीं। नतीजा यह निकला कि इलाके के मुस्लिम वोटर ‘भाई‘ का ‘खुल्ला फरमान‘ जारी होने के बाद अंसार अहमद के साथ एकजुट हो गए। क्षेत्र में 15 फरवरी को मतदान हो गया। खास बात यह कि अंसार अहमद सपा में पूर्व मंत्री रह चुके हैं।
अपनादल के वरिष्ठ नेता कहे जाने वाले माफिया अतीक अहमद के इस कारनामे के बाद पार्टी के कार्यकर्ता अवाक और दुखी हैं। खबर है कि अतीक ने प्रतापगढ़ में भी पार्टी के एक प्रत्याशी का साथ न देकर दूसरे दल के प्रत्याशी का साथ दे डाला। इतना ही नहीं, दो सप्ताह पहले अतीक ने कांग्रेस नेता बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा के समर्थन में मुस्लिम वोटरों से वोट मांगा। राकेश बाराबंकी के दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे थे।
इलाहाबाद से शिवाशंकर पांडेय की रिपोर्ट.





