Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

एक लड़की का सुसाइड लेटर

: हरामखोर डाक्टर के खिलाफ किसी मीडिया वाले ने नहीं प्रकाशित की खबर : एक लड़की मर जाती है. अपनी जान दे देती है. एक सुसाइड नोट छोड़ जाती है. उसमें लिखती है कि वह महीनों से रो रही है. ठीक से सो नहीं पाती. दुखी रहती है. वजह है एक डाक्टर. उस हरामखोर डाक्टर ने लड़की के हाथ को भद्दा बना दिया. बिना लड़की को बताए, उसने लड़की के हाथ में मांस का लोथड़ा जोड़ दिया. इस घटनाक्रम से लड़की इतनी आहत हुई कि उसने जान दे दिया. हरामखोर डाक्टर का नाम है वाई राज हांडू.

: हरामखोर डाक्टर के खिलाफ किसी मीडिया वाले ने नहीं प्रकाशित की खबर : एक लड़की मर जाती है. अपनी जान दे देती है. एक सुसाइड नोट छोड़ जाती है. उसमें लिखती है कि वह महीनों से रो रही है. ठीक से सो नहीं पाती. दुखी रहती है. वजह है एक डाक्टर. उस हरामखोर डाक्टर ने लड़की के हाथ को भद्दा बना दिया. बिना लड़की को बताए, उसने लड़की के हाथ में मांस का लोथड़ा जोड़ दिया. इस घटनाक्रम से लड़की इतनी आहत हुई कि उसने जान दे दिया. हरामखोर डाक्टर का नाम है वाई राज हांडू.

लड़की का नाम है रानी. उम्र 21 साल. वह दिल्ली विवि का छात्रा थी. दिल्ली के उत्तम नगर में रहती थी. डाक्टर वाई राज हांडू सरकारी डाक्टर है. हरामखोर डाक्टर वाई राज हांडू दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग का इंचार्ज है. इस डाक्टर पर गलत तरीके से इलाज का आरोप लगाते हुए लड़की रानी ने अपनी ही चुन्नी से फंदा बनाकर लटक गई और आत्महत्या कर ली. दो पन्नों के सुसाइड नोट में उसने अपनी आत्महत्या का कारण इलाज में लापरवाही बताया है और डाक्टर को दोषी ठहराया है. रानी के भाई शेर सिंह ने भी प्लास्टिक सर्जरी के इन्चार्ज डाक्टर वाई राज हांडू को अपनी बहन की मौत का जिम्मेवार ठहराया है. तीन महीने पहले रानी के बाये हाथ का आप्रेशन किया गया था जो कि सही नहीं हुआ था. इस वजह से हाथ काफी भद्दा दिखने लगा था. इसी टेंशन के कारण रानी परेशान रहती थी. उसने कल अपने निवास स्थान पर आत्महत्या कर ली. दुख की बात है कि दिल्ली के मीडिया वालों ने हरामखोर डाक्टर के खिलाफ एक लाइन नहीं प्रकाशित किया और न ही दिखाया. इस सुसाइड को सामान्य सुसाइड मानकर सभी चुप हो गए. आखिर इस हरामखोर डाक्टर को सबक सिखाने के लिए मीडिया वाले क्यों नहीं आगे आ रहे हैं? नीचे लड़की का सुसाइड नोट, लड़की की तस्वीर और आपरेशन के बाद उसके हाथ की स्थिति का वीडियो प्रकाशित कर रहे हैं. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

रानी

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...