: भास्कर को टक्कर देने के लिए लिया फर्जीवाड़ा का सहारा : अपने को एक दूसरे से आगे रखने के लिए अखबार प्रबंधन अब झूठ और फर्जीवाड़ा का भी सहारा लेने लगे हैं. ऐसे ही एक फर्जीवाड़ा का सहारा गुलाब कोठारी का अखबार पत्रिका ने छत्तीसगढ़ में लिया है. छत्तीसगढ़ में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए दैनिक भास्कर ने रायगढ़ जिले में प्रिंटिंग यूनिट स्थापित की ताकि रायगढ़ तथा आसपास के जिलों के लिए यहीं से एडिशन निकाले जा सके. अब तक अखबार बिलासपुर से छपकर आता था, जिससे लोगों को देर शाम की खबरें नहीं मिल पाती थीं.
इन्हीं सब परेशानियों तथा मुश्किलों से पार पाने के लिए भास्कर प्रबंधन ने रायगढ़ जिले में नई प्रिंटिंग यूनिट बैठाई. इस का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह ने किया. तो कई राज्यों में भास्कर से लोहा लेने वाला पत्रिका कहां पीछे रहने वाला था, उसने भी जोरशोर से रायगढ़ एडिशन की लांचिंग की खबरें कई जगहों पर प्लांट करवा दी. पर जब इस नए संस्करण की बाबत जो जानकारी सामने आई वो बिल्कुल फर्जीवाड़ा निकली. भास्कर ने तो अपनी नई यूनिट बैठाई रायगढ़ में पर पत्रिका ने केवल ब्यूरो कार्यालय खोलकर इसे नए एडिशन के रूप में प्लांट कर दिया. जबकि रायगढ़ में पत्रिका की प्रिटिंग यूनिट लगी ही नहीं. अखबार अब भी बिलासपुर से छपकर आ रहा है, जैसे पहले भास्कर का आ रहा था.
सूत्र बताते हैं कि पत्रिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह सारा गोरखधंधा विज्ञापनदाताओं को बरगलाने के लिए रचा. औद्योगिक बेल्ट होने के नाते भास्कर ने योजना के अनुसार रायगढ़ में प्रिंटिंग यूनिट बैठाई तथा 24 पेज का बिलासपुर-रायगढ़ संस्करण प्रकाशित करना शुरू किया. पत्रिका प्रबंधन अपने को पिछड़ता देख आनन-फानन में बिना प्रिंटिंग यूनिट बैठाए बिना ही 20 पेज के नए संस्करण के लांचिंग कर डाली. अगर इस तरह के ब्यूरो कार्यालयों को ही संस्करण घोषित कर दिया जाए तो भास्कर और जागरण को पीछे छोड़ पाना किसी भी अखबार के लिए मुश्किल हो जाएगा.





