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पत्रकारों पर हमले से नाराज जस्टिस काटजू ने महाराष्‍ट्र सरकार को कारण बताओ नोटिस दिया

: पत्रकार हल्‍ला विरोधी समिति का प्रतिनिधिमण्‍डल राष्‍ट्रपति से मिला : नई दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कण्डेय काट्जू ने महाराष्ट्र में पत्रकारों पर हो रहे हमले के खिलाफ प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. काटजू ने कहा है कि प्रदेश सरकार पत्रकारों की सुरक्षा करने में नाकाम रही है. उन्होंने तीन हफ्ते के अंदर इस नोटिस का जवाब देने को कहा है. इससे पहले महाराष्ट्र के 16 पत्रकार संगठनों के एक केंद्रीय संगठन पत्रकार हल्ला विरोधी समिति ने बुधवार को ही राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मिलकर इस संबंध में अपनी चिंता जाहिर की. 

: पत्रकार हल्‍ला विरोधी समिति का प्रतिनिधिमण्‍डल राष्‍ट्रपति से मिला : नई दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कण्डेय काट्जू ने महाराष्ट्र में पत्रकारों पर हो रहे हमले के खिलाफ प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. काटजू ने कहा है कि प्रदेश सरकार पत्रकारों की सुरक्षा करने में नाकाम रही है. उन्होंने तीन हफ्ते के अंदर इस नोटिस का जवाब देने को कहा है. इससे पहले महाराष्ट्र के 16 पत्रकार संगठनों के एक केंद्रीय संगठन पत्रकार हल्ला विरोधी समिति ने बुधवार को ही राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मिलकर इस संबंध में अपनी चिंता जाहिर की. 

देश भर में पत्रकारों पर हो रहे हमले से चिंतित पत्रकार हल्ला विरोधी समिति के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान बताया कि पिछले दस सालों में प्रदेश में 802 पत्रकारों पर हमला हुआ है. प्रतिनिधि मंडल ने डाक्टरों पर हमले के खिलाफ विशेष नियम की तर्ज पत्रकारों की सुरक्षा के लिए भी विशेष नियम बनाने की मांग राष्ट्रपति के सामने रखी. राष्ट्रपति ने इसे गंभीर मामला बताते हुए प्रदेश सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा के संबंध में निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया है. बाद में प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कण्डेय काटजू से भी मिलकर अपनी चिंता जताई. इस संबंध में समिति के अध्यक्ष एसएम देशमुख ने बताया कि जस्टिस काटजू ने महाराष्ट्र सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तीन हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है. देशमुख के मुताबिक अपने नोटिस में काट्जू ने यह भी कहा है कि चूकि महाराष्ट्र सरकार पत्रकारों की सुरक्षा करने में नाकाम रही है तो क्यों नहीं ऐसी सरकार को भंग कर दिया जाए. जस्टिस काटजू इससे पहले भी इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार को दो बार नोटिस जारी कर चुके हैं. 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पत्रकारों पर हो रहे हमले के विरोध में महाराष्ट्र के 16 पत्रकारों के संगठनों ने मिलकर पत्रकार हल्ला विरोधी समिति बनाया है, जो पत्रकारों के सुरक्षा की लड़ाई लड़ रही है. यह समिति पिछले पांच सालों से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून की मांग कर रही है. प्रदेश सरकार द्वारा उनकी मांगों पर ध्यान न देने पर समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की. यह भी बताते चलें कि कुछ महीने पहले देशोन्नति के संचालक ऋषिकेश पोहरे पर भी जानलेवा हमला हो चुका है. अकोला स्थित अखबार के मुख्यालय से लौटने के दौरान रात को हमलावरों ने ऋषिकेश पोहरे पर हमला किया और उनकी गाड़ी को जलाने की कोशिश की. हालांकि अखबार के कर्मचारियों के आ जाने के कारण हमलावर भाग गए थे. राष्ट्रपति से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में पत्रकार हल्ला विरोधी समिति के अध्यक्ष एसएम देशमुख, देशोन्नति के ग्रुप एडिटर एवं महाराष्ट्र एडिटर्स काउंसिल के अध्यक्ष प्रकाश पोहरे, दिल्ली में महाराष्ट्र पत्रकार संघ के अध्यक्ष अशोक वानखेड़े, महाराष्ट्र टाइम्स के दिल्ली प्रतिनिधि और वरिष्ट पत्रकार सुरेश भट्टेवारा, श्रीराम जोशी, प्रफुल्ल मारपकवार, किरण नाईक और सुरेंद्र गांगण शामिल थे.

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