राजस्थान पत्रिका, कोटा में स्थानीय संपादक जिनेश जैन की डांट-फटकार से एक वरिष्ठ रिपोर्टर बेहोश हो गया। उसे कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां गुरुवार को भी वह भर्ती है। राजस्थान पत्रिका में मंगलवार रात को संपादक जिनेश जैन ने वरिष्ठ रिपोर्टर जग्गोसिंह धाकड़ को बुरी तरह से फटकारा और रात को साढे़ तीन बजे तक घर नहीं जाने दिया। बुधवार सुबह दुबारा फोन पर डांट फटकार के बाद जब जग्गोसिंह बुधवार सुबह कार्यालय में आया तो डर के कारण उसके हाथ पैर थर-थर कांप रहे थे।
उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही थी। कुछ देर ऑफिस में बैठने के बाद वह चक्कर खाकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। साथी रिपोर्टर उसे उठा कर कोटा के महाराव भीम सिंह अस्पताल में ले गए। जहां एक घंटे बाद उसे होश तो आ गया। बाद में यह खबर जंगल में आग की तरह सारे शहर में फैल गई कि संपादक के दिए तनाव से एक रिपोर्टर की यह हालत हो गई। कोटा में जिनेश जैन को जब से संपादक बनाया है तब से वो सभी से बेहद बदतमीजी से बात करते है। संपादकीय विभाग के कर्मचारियों को बुरी तरह से डांटने के साथ मां- बहन की गालियां भी बकते हैं। रोजाना संपादकीय विभाग के लोगों को नौकरी से निकालने औत तबादला कराने की धमकी दी जा रही है। पूरे दफ्तर का माहौल ही नरकीय हो गया है। अंदरखाने की बात यह है कि पत्रिका में ऐसा व्यवहार जानबूझ कर कराया जा रहा है। पहले पत्रिका ने नौकरी से निकालने के लिए अपने कर्मचारियों को दूर-दूर तबादले करा दिए, तब भी किसी ने नौकरी नहीं छोड़ी तो अब सभी को प्रताडि़त कराया जा रहा है। जिससे लोग नौकरी छोड़ कर चले जाएं। बाउ साहब कुलिश जी के अखबार में इतना होने लगेगा, किसी ने सोचा था क्या?
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





