गुवाहाटी : असम से प्रकाशित होने वाले अखबारों के मालिक, संपादक और मीडिया हाऊसों में काम करने वाले गैर पत्रकार अब अपनी गाड़ियों पर प्रेस नहीं लिख पाएंगे। गत विधानसभा चुनाव से पहले कुछ वरिष्ठ पत्रकारों को लैपटाप का तोहफा देने वाली असम की सरकार अब रिपोर्टरों को लोगो देने जा रही है ताकि उस लोगो को वे अपनी गाड़ी पर चिपका कर रिपोर्टर होने की पहचान आसानी से दे सकें और सुरक्षा कर्मी उन्हें असली रिपोर्टर जान कर जांच-पड़ताल न करे अथवा सुरक्षित जगहों में प्रवेश करने दे।
सरकार यह कवायद असम पुलिस के सुझाव पर करने जा रही है। पुलिस लंबे समय से शिकायत कर रही थी कि कुछ असामाजिक तत्व अपनी गाड़ियों पर प्रेस लिखवा कर सुरक्षाकर्मियों को चकमा देते हैं। और इतना ही नहीं पेपर बेचने वाला, प्रिंटिंग प्रेसों में काम करने वाले और यहां तक की मीडिया हाऊसों में काम करने वालों के रिश्तेदार भी प्रेस लिख कर सड़कों पर उतरते हैं और वे अनेकों बार पुलिस को प्रेस से होने का धौंस दिखा कर निकल जाते हैं। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि राज्य का सूचना विभाग एक विशेष लोगो तैयार कर रहा है जो सिर्फ रिपोर्टरों को दिया जाएगा। उनका कहना था कि जल्द ही सभी मीडिया हाऊसों को अपने रिपोर्टरों की सूची देने के लिए कहा जाएगा ताकि अप्रैल महीने तक उन्हें लोगो मुहैया कराया जा सके।
गुवाहाटी से नीरजझा की रिपोर्ट.






