: कानाफूसी : ग्वालियर से खबर है महंगाई की मार में पिस रहे पीपुल्स समाचार की। यहां की मालकिन तीन दिनों के लिए ग्वालियर में थीं। ग्वालियर यात्रा के दौरान उन्होंने जो फैसले लिए और सुनाए वह साफ कर गए कि पीपुल्स प्रबंधन में अब और अधिक घाटा सहने की ताकत नहीं है। जो फैसला उन्होंने सुनाया है उसके अनुसार पीपुल्स के ग्वालियर संस्करण से जुड़े सभी ब्यूरो को अब सेलरी मोड से निकालकर कमीशन मोड में डाल दिया गया है। यानी ब्यूरो चलाने के लिए प्रबंधन कुछ नहीं देगा। आप कमाओ-आप खाओ और पीपुल्स का पेट भरो।
ब्यूरो चीफों से कह दिया गया है कि आप जितना बिजनेस लाएंगे, उसका कमीशन आपको मिलेगा। यही आपकी सैलरी और यही आपका आफिस खर्चा होगा। मंजूर हो तो हां करो, वरना नमस्कार करो। चूंकि ग्वालियर से चिटफंडिया भाग चुके हैं। उनके अखबारों के दफ्तरों में प्रशासन के ताले लटके हुए हैं। चिटफंडियों के न्यूज चैनल की नस भी प्रशासन ने बंद कर रखी है। सैकड़ों पत्रकार सड़क पर हैं। ऐसे में नईदुनिया और पीपुल्स में नया फरमान सुनने वाले पत्रकारों को समझ में नहीं आ रहा है कि वे कौन सा कदम उठाएं और किस राह पर जाएं।
ग्वालियर से एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. कानाफूसी कैटगरी के राइटअप सुनी-सुनाई बातों पर आधारित होती हैं जिसमें सच्चाई संभव भी है और नहीं भी. इसलिए तथ्यों पर भरोसा करने से पहले एक बार अपने स्तर से भी जांच पड़ताल कर लें. अगर उपरोक्त उल्लखित तथ्यों में कोई कमी बेसी नजर आए तो नीचे दिए गए कमेंट बाक्स का सहारा ले सकते हैं या फिर [email protected] पर मेल कर सकते हैं.





