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आज से इंदौर में नहीं दिखेंगे रीजनल एवं नेशनल न्‍यूज चैनल

आज यानी मंगलवार से इंदौर के लोग अपने केबल नेटवर्क पर न्‍यूज चैनल नहीं देख पाएंगे. क्‍योंकि इंदौर के केबल ऑपरेटर सांकेतिक हड़ताल करने जा रहे हैं. ये सांकेतिक हड़ताल सरकार के लिए चेतावनी है. इसके बाद भी अगर सरकार ने केबल ऑपरेटरों की मांग पर ध्‍यान नहीं दिया तो पांच मार्च से केबल टीवी का प्रसारण पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा और छह मार्च से केबल ऑपरेटर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे. यह सारा बवाल राज्‍य सरकार द्वारा टैक्‍स बढ़ाए जाने के चलते हो रहा है.

आज यानी मंगलवार से इंदौर के लोग अपने केबल नेटवर्क पर न्‍यूज चैनल नहीं देख पाएंगे. क्‍योंकि इंदौर के केबल ऑपरेटर सांकेतिक हड़ताल करने जा रहे हैं. ये सांकेतिक हड़ताल सरकार के लिए चेतावनी है. इसके बाद भी अगर सरकार ने केबल ऑपरेटरों की मांग पर ध्‍यान नहीं दिया तो पांच मार्च से केबल टीवी का प्रसारण पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा और छह मार्च से केबल ऑपरेटर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे. यह सारा बवाल राज्‍य सरकार द्वारा टैक्‍स बढ़ाए जाने के चलते हो रहा है.

सरकार द्वारा टैक्‍स बढ़ाने के बाद मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (एमएसओ) स्थानीय ऑपरेटर्स पर टैक्स वसूली का दबाव बना रहे हैं. इसके चलते शहर के 450 से ज्यादा केबल ऑपरेटर्स ने रीजनल और नेशनल न्यूज चैनल्स का प्रसारण बंद करने की तैयारी कर ली है. इस संदर्भ में बीते गुरुवार को 200 से ज्यादा लोकल ऑपरेटर्स संभागायुक्त से मिल कर अपनी परेशानी बता चुके हैं. नियामक आयोग ने 3 से 5 फीसदी तक टैक्‍स वृद्धि का प्रावधान दिया है लेकिन शासन 20 फीसदी टैक्‍स की वसूली करने पर अड़ा हुआ है.

केबल ऑपरेटर इसे सरकार की साजिश मान रहे हैं. इन लोगों का आरोप है कि सरकार केबल व्‍यवसाय को पूरी तरह चौपट करने के लिए ही टैक्‍स में बढ़ोत्‍तरी की है. कुछ केबल ऑपरेटर से इसे बड़ी साजिश भी बता रहे हैं. उनका कहना है कि तमाम डीटीएच कंपनियों से मिलकर सरकार इस तरह माहौल बना रही है कि केबल ऑपरेटर पूरी तरह तबाह हो जाएं और डीटीएच कंपनियों को इसका लाभ मिल सके. लोग केबल की बजाय डीटीएच खरीदने लगें. अभी इंदौर एवं मध्‍य के अन्‍य जिलों में शासन द्वारा प्रति कनेक्‍शन 20 रुपये की वसूली की जा रही है. टैक्‍स को 20 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद यह विभिन्‍न जगहों पर बढ़कर 40 से 60 रुपये तक हो जाएगा.

एमएसओ का कहना है कि इसमें भी पांच लाख से कम टर्न ओवर वाले केबल ऑपरेटरों को टैक्‍स से छूट है, इस स्थिति में तकनीकी दिक्‍कतें और अधिक बढ़ जाएंगी. पांच लाख से कम टर्न ओवर वाला ऑपरेटर तो अपने ग्राहकों का किराया बिना बढ़ाए केबल दिखा सकेगा, जबकि पांच लाख से ज्‍यादा टर्न ओवर वालों को मजबूरन उपभोक्‍ताओं पर पैसा बढ़ाने का दबाव डालना पड़ेगा. केबल ऑपरेटर यूनियन के कोआर्डिनेटर आनंद प्रकाश गुप्‍ता कहते हैं कि अब इस स्थिति में मुश्किल ये हो जाएगी कि दो मोहल्‍लों में दो तरह से पैसा वसूली करना पड़ेगा. पांच लाख से कम टर्न ओवर वाले ऑपरेटर का उपभोक्‍ता तो उतने पैसे में टीवी देखेगा पर पांच लाख से ज्‍यादा टर्नओवर वाले उपभोक्‍ता को चालीस से साठ रुपया अधिक देना होगा. तो समझा जा सकता है कि केलब ऑपरेटरों को कितनी मुश्किल आने वाली है. 

आनंद गुप्‍ता कहते हैं कि फिर केबल उपभोक्‍ता हर महीने ढाई सौ रुपये क्‍यों खर्च करेगा. वो 160 रुपये महीने पर डीटीएच क्‍यों नहीं देखेगा. श्री गुप्‍ता कहत हैं कि वैसे भी केबल ऑपरेटर्स को तार एवं कर्मचारी का भी अतिरिक्‍त खर्च हर माह उठाना पड़ता है. इस स्थिति में टैक्‍स में बढ़ोत्‍तरी तो इस व्‍यवसाय की कमर तोड़कर रख देगा. वे सीधा आरोप लगाते हैं कि ये सरकार की साजिश है ताकि लोग केबल से चैनल देखना छोड़कर डीटीएच देखना शुरू कर दें. ये भी कहते हैं जाहिर है कि उपभोक्‍ता भी कम पैसे वाला सुविधा ही लेना चाहेगा. इस स्थिति‍ में केबल ऑपरेटर व्‍यवसाय पूरी तरह ठप हो जाएगा.

बताया जा रहा है कि सरकार ने चैनल को विलासिता मनोरंजन तथा आमोद प्रमोद टैक्‍स के दायरे में शामिल किया है. आनंद कहते हैं कि यह आम लोगों का साधन है, आप गरीबों की झोपड़ी में भी टीवी चलता देख सकते हैं. उनको चैनल बदलते देख सकते हैं. फिर यह विलासिता का साधन कहां हुआ. आनंद बताते हैं कि 2014 तक सब कुछ डिजिटिलाइजेशन होना है. इस स्थिति में हर घर में एक डीवी सेट बॉक्‍स देना होगा. इसके लिए हमें उपभोक्‍ता से केवल 999 रुपये लेना है. ये भी रिफंडेबल है जबकि इस बॉक्‍स की कीमत केबल ऑपरेटरों को डेढ़ से दो हजार रुपये के बीच बैठेगी. हमें आगे इतनी मुश्किल आने वाली है, उस पर राज्‍य सरकार का टैक्‍स बढ़ाने का फैसला इस धंधे को पूरी तरह चौपट कर देगा.

इंदौर के केबल ऑपरेटर एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि 28 फरवरी से वे रिजनल तथा नेशनल न्‍यूज चैनल बंद कर देंगे. यह हड़ताल फिलहाल सांकेतिक होगा. अगर इसे बाद भी सरकार ने इस तरफ ध्‍यान नहीं दिया तो वे पांच मार्च तो केबल टीवी का पूरा प्रसारण ठप कर देंगे और अगले दिया यानी छह मार्च से वे आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे. बताया जा रहा है कि इसके लिए पूरा राज्‍य के केबल ऑपरेटरों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है.

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